देश की खबरें | पंजाब की आप इकाई के प्रदर्शन में शामिल हुए केजरीवाल, आप कार्यकर्ता हिरासत में लिये गए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को यहां आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और हाल में अस्तित्व में आए तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग की।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को यहां आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और हाल में अस्तित्व में आए तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग की।

दिल्ली पुलिस ने बाद में कहा कि जब प्रदर्शनकारी ‘‘उत्तेजित होने लगे’ तब उसने आप सांसद भगवंत मान और प्रदर्शन कर रहे करीब सौ पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

यह भी पढ़े | Sarat Kumar Kar Dies: ओडिशा विधानसभा के पूर्व स्पीकर सरत कुमार कर का निधन, कोरोना से थे संक्रमित.

केजरीवाल ने जंतर मंतर पर पंजाब से आए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और कहा कि कृषि कानूनों पर आप का एक बहुत स्पष्ट रुख है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि इन तीन कानूनों को पूर्ण रूप से वापस लिया जाए।’’

यह भी पढ़े | ओडिशा विधानसभा के पूर्व स्पीकर सरत कुमार कार का कोरोना महामारी से निधन: 12 अक्टूबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने कहा, ‘‘दूसरा एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर देश में एक कानून लाया जाना चाहिए। 100 फीसद एमएसपी की गारंटी के लिए एक कानून लाया जाना चाहिए। इस लड़ाई में पूरी दिल्ली किसानों के साथ खड़ी है और दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर मैं इस प्रदर्शन में आपका समर्थन करता हूं।’’

केजरीवाल ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को लेकर कुछ पार्टियां राजनीति में लिप्त हैं।

केजरीवाल ने किसी का नाम लिये बिना कहा, ‘‘जब विधेयक तैयार किया जा रहा था तब एक राष्ट्रीय दल के नेता कमेटी में शामिल थे, और उन्होंने भाजपा को कानून बनाने के लिए बधाई दी, यह आश्वस्त किया कि विधेयक पारित हो जाए तथा जब विधेयक पारित हो गया वे विरोध कर रहे हैं। क्या लोग मूर्ख हैं?’’

उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का वादा किया था, लेकिन वह अब उससे बिल्कुल उलट कर रही हैं जिसकी सिफारिश इसमें की गई थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब वे वोट मांगने आए थे तो उन्होंने कहा था कि वे स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करेंगे, लेकिन जीतने के बाद उन्होंने क्या किया? वे एमएसपी हटा रहे हैं।’’

केजरीवाल ने कहा, ‘‘जब हमारी सरकार दिल्ली में बनी थी, तो सरकारी स्कूलों और अस्पतालों का बुरा हाल था। तो हमने क्या किया? हमने उन्हें बंद नहीं किया, हमने उन्हें सुधारा। भाजपा ने इस देश के किसानों के साथ विश्वासघात किया है।’’

केजरीवाल के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह, आप सांसद भगवंत मान और पार्टी के अन्य विधायक प्रदर्शन में शामिल हुए।

पुलिस ने कहा कि मुख्यमंत्री के वहां से चले जाने के बाद उसने पंजाब आप के 136 नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मान को हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन करने के लिए उन्हें कोई अनुमति नहीं दी गई थी क्योंकि कोरोना वायरस के मद्देनजर डीडीएमए (दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) के दिशानिर्देश के तहत आंदोलनों की इजाजत नहीं है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन को तब तक इजाजत दी जब तक यह शांतिपूर्ण था ‘‘लेकिन वे उत्तेजित होने लगे इसलिए हमने उन्हें हिरासत में ले लिया।’’

तीन कानून- कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार अधिनियम -2020, कृषक उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी मिलने के बाद 27 सितंबर को प्रभावी हो गए हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\