देश की खबरें | पाकिस्तान को ध्यान में रखते हुए खेल विधेयक में भारत की भागीदारी पर रोक लगाने का भी प्रावधान
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नयी दिल्ली, 23 जुलाई लोकसभा में बुधवार को पेश किए गए राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक के अनुसार, केंद्र सरकार को 'असाधारण परिस्थितियों' में भारतीय टीमों और व्यक्तिगत खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर 'उचित रोक लगाने' का अधिकार होगा।
खेल विधेयक में ‘‘राष्ट्रीय हित में निर्देश जारी करने और रोक लगाने की शक्ति’’ संबंधी धारा भी शामिल की गई है जो भारतीय टीमों और खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी को स्पष्ट करता है। खिलाड़ियों की भागीदारी का मामला अक्सर पाकिस्तान के संबंध में सामने आता है।
विधेयक में कहा गया है, ‘‘केंद्र सरकार, असाधारण परिस्थितियों में और राष्ट्रीय हित में, एक आदेश के द्वारा, संबंधित खेल की किसी राष्ट्रीय टीम की अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी या राष्ट्रीय खेलों की गतिविधियों में किसी व्यक्ति की भागीदारी पर उचित रोक लगा सकती है।’’
यह विधेयक संसद के दोनों सदनों में पारित होने और उसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही अधिनियम बनेगा।
किसी भारतीय टीम को किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति देने का प्रश्न अधिकतर तब उठता है जब उसमें पाकिस्तान शामिल हो।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने को लेकर सरकार की नीति पिछले कुछ वर्षों से बेहद स्पष्ट रही है। अगर कोई ऐसी प्रतियोगिता हो जिसमें कई देश भाग ले रहे हों तो उसमें भागीदारी पर कोई रोक नहीं है लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय आयोजनों का तो ‘‘सवाल ही नहीं उठता।‘‘
मुंबई में 2008 में आतंकी हमले के बाद यही स्थिति बनी हुई है। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 150 से ज़्यादा लोगों को मार डाला था।
खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘यह सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है कि इस तरह के फैसले करने में सरकार का पूरा नियंत्रण हो। जब भी राष्ट्रीय हित शामिल होता है, तो सरकार को ही तमाम सवालों के जवाब देने पड़ते हैं इसलिए अंतिम फैसला करने का अधिकार उसके पास होना उचित है।’’
इस वर्ष अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्तों में और खटास पैदा हो गई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव हुआ था, जो पाकिस्तान के युद्ध विराम के अनुरोध पर समाप्त हुआ था।
पहलगाम हमले के बाद भी दोनों देश बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे हैं। भारत अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) का सदस्य है जिसका चार्टर राजनीति के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव पर रोक लगाता है।
भारत ने अगले महीने होने वाले हॉकी एशिया कप और इस वर्ष के अंत में होने वाले जूनियर निशानेबाजी विश्व कप के लिए पाकिस्तान के देश में प्रवेश का रास्ता भी साफ कर दिया है, ताकि ओलंपिक चार्टर का अनुपालन किया जा सके।
बड़ी प्रतियोगिताओं की मेजबानी के अधिकार प्राप्त करने के लिए चार्टर का पालन करना अनिवार्य होता है और भारत 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में शामिल है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2025 04:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

