खेल की खबरें | केसीए ने श्रीसंत की आलोचना करते हुए कहा, वह मैच फिक्सिंग के आरोपों से बरी नहीं हुए हैं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. भारतीय क्रिकेटर संजू सैमसन के समर्थन में एस श्रीसंत की टिप्पणी से कथित तौर पर नाराज केरल क्रिकेट संघ (केसीए) ने इस पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज पर राज्य की क्रिकेट संचालन संस्था के खिलाफ गलत और अपमानजनक बयान देने का आरोप लगाया है।

तिरुवनंतपुरम, सात फरवरी भारतीय क्रिकेटर संजू सैमसन के समर्थन में एस श्रीसंत की टिप्पणी से कथित तौर पर नाराज केरल क्रिकेट संघ (केसीए) ने इस पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज पर राज्य की क्रिकेट संचालन संस्था के खिलाफ गलत और अपमानजनक बयान देने का आरोप लगाया है।

केसीए ने हाल ही में एक मलयालम टीवी चैनल पर पैनल चर्चा के दौरान राज्य क्रिकेट निकाय और सैमसन से जुड़े मामले टिप्पणी की थी। जिसके बाद भारतीय टीम के साथ दो बार विश्व कप जीतने वाले श्रीसंत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

केसीए ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि श्रीसंत को जारी कारण बताओ नोटिस का सैमसन मामले से कुछ लेना देना नहीं है। उन्हें यह नोटिस इस संघ के खिलाफ भ्रामक और अपमानजनक टिप्पणियों के लिए भेजा गया है।

श्रीसंत ने टीवी चर्चा के दौरान कथित तौर पर सैमसन को अपना समर्थन देने का वादा किया। उन्होंने सैमसन को राज्य की टीम में नहीं चुने जाने को लेकर केसीए को कटघरे में खड़ा करते हुए उनकी और केरल के अन्य खिलाड़ियों की रक्षा करने की कसम खाई।

श्रीसंत ने यह टिप्पणी उस समय की जब राज्य क्रिकेट बोर्ड भारतीय टी20 टीम के विकेटकीपर को विजय हजारे ट्रॉफी के लिए केरल टीम से बाहर करने पर आलोचना का सामना कर रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि इससे भारत की चैंपियंस ट्रॉफी टीम के लिए चुने जाने की उनकी संभावना प्रभावित हुई है।

केसीए ने यह भी कहा कि पूर्व तेज गेंदबाज को अभी तक मैच फिक्सिंग मामले से बरी नहीं किया गया है।

केसीए ने कहा कि श्रीसंत केरल क्रिकेट लीग फ्रेंचाइजी के सह-मालिक है और केसीए के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी इससे जुड़े अनुबंध का उल्लंघन है।

बयान में कहा गया, ‘‘ केरल क्रिकेट संघ हमेशा अपने खिलाड़ियों के साथ खड़ा रहा है।’’

राज्य क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि उसने मैच फिक्सिंग के आरोपों का सामना करने वाले श्रीसंत को पूरा समर्थन दिया था।

बयान के मुताबिक, ‘‘श्रीसंत की तरह किसी को केरल के खिलाड़ियों को बचाने की जरूरत नहीं है।’’

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