देश की खबरें | क़ड़ाके की ठंड से कश्मीर को राहत, बर्फबारी के बाद न्यूनतम तापमान बढ़ा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कश्मीर के लोगों को भीषण शीतलहर की स्थिति से राहत मिली और बीती रात हल्की बर्फबारी के बाद न्यूनतम तापमान में कुछ डिग्री की बढ़ोतरी हुई। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान पूरे इलाके का तापमान शू्न्य से नीचे ही रहा।
श्रीनगर, 19 जनवरी कश्मीर के लोगों को भीषण शीतलहर की स्थिति से राहत मिली और बीती रात हल्की बर्फबारी के बाद न्यूनतम तापमान में कुछ डिग्री की बढ़ोतरी हुई। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान पूरे इलाके का तापमान शू्न्य से नीचे ही रहा।
अधिकारियों के मुताबिक, श्रीनगर में बुधवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से नीचे रहे 4.3 डिग्री सेल्सियस तापमान से अधिक था। वहीं, घाटी के प्रवेश द्वार काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात शून्य से 7.4 डिग्री सेल्सियस कम था।
दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती जिले कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, अनंतनाग जिले के पहलगाम में तापमान सात डिग्री सेल्सियस से अधिक चढ़ गया है। पहलगाम वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए आधार शिविर के रूप में भी काम करता है। दक्षिण कश्मीर के इस रिसॉर्ट में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
बारामूला जिले के प्रसिद्ध स्की-रिसॉर्ट गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान चार डिग्री चढ़कर शून्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने 19 से 25 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर में बारिश की संभावना जताई थी। विभाग के अनुसार, 19 से 21 जनवरी तक बादल छाए रहेंगे और मुख्य रूप से ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है।
उन्होंने बताया कि 22 जनवरी की रात से 24 जनवरी को पूर्वाह्न तक बहुत तेज बारिश होगी और कश्मीर के मैदानी इलाकों में हल्के से मध्यम हिमपात (जम्मू में बारिश के साथ) और मध्यम तथा अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम हिमपात होने की संभावना है।
कश्मीर वर्तमान में 'चिल्लई कलां' की चपेट में है। 40 दिनों की सबसे कठोर इस मौसम अवधि में बर्फबारी की संभावना अधिक होती है। चिल्लई कलां 21 दिसंबर से शुरू होता है और 30 जनवरी को समाप्त होता है। इसके बाद भी शीत लहर जारी रहती है और 20 दिन लंबा 'चिल्लई खुर्द' और 10 दिन लंबा 'चिल्लई बच्चा' चलता है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 19, 2023 03:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

