देश की खबरें | कर्नाटक सरकार का आरोप : किसानों का एक संगठन हड़ताल कर रहे परिवहन कर्मचारियों का भड़का रहा

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

बेंगलुरु, 12 दिसंबर कर्नाटक सरकार ने शनिवार को आरोप लगाया कि किसानों का एक संगठन राज्य परिवहन निगमों के हड़ताली कर्मचारियों को भड़का रहा है। इस बीच, विभिन्न मांगों को लेकर परिवहन निगमों के कर्मचारियों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रही।

सरकार ने कहा कि परिवहन सेवाएं सुचारू रखने के लिए 13 दिसंबर से निजी ऑपरेटरों को तैनात किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने हड़ताल समाप्त करने का आग्रह आग्रह करते हुए एक बयान में आरोप लगाया कि कर्नाटक राज्य रैयत संघ के अध्यक्ष कोडिहल्ली चंद्रशेखर कार्यकर्ताओं को अपना आंदोलन जारी रखने और पथराव कर बसों को क्षतिग्रस्त करने के लिए 'उकसा’ रहे हैं।

परिवहन विभाग का जिम्मा भी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी ने कहा कि सरकार रविवार से निजी ऑपरेटरों को तैनात करने की व्यवस्था करेगी।

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उन्होंने कहा कि किराया सरकारी बसों के समान होगा।

मंत्री ने कहा कि सरकार बातचीत कर गतिरोध दूर करने के लिए तैयार है, लेकिन कर्मचारियों को काम पर वापस आना चाहिए।

हालांकि, बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम, कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम, उत्तर पश्चिम कर्नाटक सड़क परिवहन निगम और उत्तर पूर्वी कर्नाटक सड़क परिवहन निगम के कर्मचारी अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। हड़ताली कर्मचारियों की मांग है कि उनका वेतन राज्य सरकार के कर्मचारियों के बराबर किया जाए तथा कोरोना वायरस से मौत होने की स्थिति में उन्हें कोविड-19 योद्धाओं को मिलने वाले मुआवजे के बराबर राशि दी जाए।

कर्मचारियों के काम पर नहीं आने तथा राज्य के महत्वपूर्ण बस टर्मिनलों एवं तालुका मुख्यालयों पर प्रदर्शनों के कारण परिवहन निगमों की कम बसें ही चल रही हैं।

पुलिस के अनुसार बसों पर पथराव की छिटपुट घटनाओं को छोड़कर प्रदर्शन मोटे तौर पर शांतिपूर्ण रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण निगमों को बीते तीन दिन में छह करोड़ रूपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है।

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