Karnataka Election 2023: अमित शाह ने मुसलमानों का चार प्रतिशत आरक्षण खत्म करने के कर्नाटक सरकार के फैसले का किया बचाव
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण खत्म करने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के फैसले का मंगलवार को बचाव करते हुए कहा कि पार्टी ने कभी ‘‘धर्म आधारित आरक्षण’’ में विश्वास नहीं किया.
बगलकोट (कर्नाटक), 25 अप्रैल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण खत्म करने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के फैसले का मंगलवार को बचाव करते हुए कहा कि पार्टी ने कभी ‘‘धर्म आधारित आरक्षण’’ में विश्वास नहीं किया. यह भी पढें: Mission South: कर्नाटक के नेताओं को भाजपा आलाकमान की दो टूक- मिशन साउथ की कामयाबी के लिए चुनाव जीतना जरूरी
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सत्ता में आने पर आरक्षण बहाल करने के कांग्रेस के रुख पर भी निशाना साधा. शाह ने तेरदल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण धर्म आधारित था. वोट बैंक की राजनीति में पड़े बिना भाजपा सरकार ने मुस्लिम आरक्षण को रद्द कर दिया.’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा मानना है कि धर्म आधारित आरक्षण नहीं होना चाहिए.’’ मंत्री ने कहा कि मुस्लिम आरक्षण रद्द करने के बाद भाजपा ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के लिए आरक्षण बढ़ाया है. कर्नाटक की बसवराज बोम्मई नीत सरकार के अनुसूचित जाति (एससी) के आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत करने के फैसले का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि एससी (लेफ्ट) के लिए अब छह प्रतिशत आरक्षण है, एससी (राइट) 5.5 प्रतिशत और अन्य एससी समुदाय के लिए 5.5 प्रतिशत आरक्षण है.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार के उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर मुस्लिम आरक्षण को बहाल करने के वादे पर शाह ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि वह सरकार बनाने पर किस समुदाय का आरक्षण खत्म करेंगे. मंत्री ने पूछा, ‘‘ मुसलमानों का चार प्रतिशत आरक्षण बहाल करने के लिए किस का आरक्षण खत्म किया जाएगा? क्या वे वोक्कालिगा या लिंगायत, दलित, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग होगा?’’
अपने कार्यकाल के अंत में भाजपा सरकार ने 2-बी श्रेणी के तहत मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण को समाप्त करने का निर्णय किया है। इस चार प्रतिशत आरक्षण में से वोक्कालिगा को 2-सी श्रेणी का दो प्रतिशत आरक्षण और लिंगायत को 2-डी श्रेणी का दो प्रतिशत आरक्षण दिया गया है.
वोक्कालिगा और लिंगायत कर्नाटक के दो प्रभावशाली समुदाय हैं.
शाह का यह बयान ऐसे दिन आया है, जब उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को निर्देश दिया कि कर्नाटक सरकार का मुस्लिमों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण खत्म करने का फैसला नौ मई तक लागू नहीं होगा.
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 25, 2023 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

