देश की खबरें | कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने भाजपा को बताया 'नीच', लोगों से लोकसभा चुनाव में उसे वोट न देने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार पर गरीब विरोधी और पूंजीपतियों का समर्थक होने का आरोप लगाते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बुधवार को लोगों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि अगले साल लोकसभा चुनाव में एक भी वोट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को न मिल सके।
मधुगिरि (कर्नाटक), छह सितंबर केंद्र सरकार पर गरीब विरोधी और पूंजीपतियों का समर्थक होने का आरोप लगाते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बुधवार को लोगों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि अगले साल लोकसभा चुनाव में एक भी वोट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को न मिल सके।
उन्होंने भाजपा को ‘नीच’ बताते हुए कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी मानवता विरोधी है, क्योंकि उसने राज्य सरकार की ‘अन्न भाग्य योजना’ के तहत प्रत्येक लाभार्थी को अतिरिक्त पांच किलोग्राम चावल की आपूर्ति करने के लिए कर्नाटक को चावल उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं अपने पिछले कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री था, तो मैं सात किलोग्राम चावल मुफ्त दे रहा था, लेकिन पिछली भाजपा सरकार ने इसे घटाकर चार किलोग्राम और पांच किलोग्राम कर दिया। विधानसभा चुनाव के दौरान मैंने वादा किया था कि हम पांच किलोग्राम अतिरिक्त अनाज देंगे।’’
सिद्धरमैया ने तुमकुरु जिले के मधुगिरि में ‘क्षीर भाग्य योजना’ (जिसके तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को सप्ताह में पांच दिन दूध दिया जाता है) के 10 साल पूरे होने के मौके पर कहा कि जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आई, तो उसने अन्न भाग्य योजना के लिए चावल की आपूर्ति करने के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि एफसीआई ने भी राज्य सरकार को चावल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें उन पर (एफसीआई) पर भरोसा है लेकिन केंद्र सरकार ने हमें चावल देने से इनकार कर दिया। क्या भाजपा गरीबों की समर्थक है? वह नहीं हैं। हमने मुफ्त में चावल नहीं मांगा। हम इसके लिए भुगतान करने को तैयार थे। जब हमने चावल मांगा तो वे तैयार हो गये और फिर मुकर गये। आपको तय करना होगा कि वे कितने ‘नीच’ हैं। वे गरीब विरोधी हैं। उनमें मानवता नहीं है।’’
केंद्र द्वारा कर्नाटक को चावल की आपूर्ति करने से पीछे हटने का कारण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि यदि गरीब लोगों को मुफ्त चावल दिया गया, तो वे राज्य दिवालिया हो जाएंगे। हमने उनसे कहा कि हम पांच गारंटी लागू करेंगे और हम राज्य को दिवालिया नहीं होने देंगे।’’
उन्होंने कहा कि राज्य में पांच चुनावी गारंटी में से चार को लागू कर दिया गया है।
इन गारंटी में ‘शक्ति’ जिसके तहत महिलाएं सरकारी बसों में मुफ्त बस यात्रा कर सकती है, ‘गृह लक्ष्मी’ के तहत परिवार की महिला मुखिया को 2,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। ‘गृह ज्योति’ में प्रत्येक घर को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाती है जबकि ‘अन्न भाग्य’ के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले (बीपीएल) परिवारों को 10 किलो चावल दिया जा रहा है।
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