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देश की खबरें | कर्नाटक मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना, अहम स्वास्थ्य योजनाओं को मंजूरी दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल ने बृहस्पतिवार को बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की स्थापना और स्थानीय अर्थव्यवस्था उत्प्रेरक कार्यक्रम (एलईएपी) की शुरुआत सहित कई पहलों पर अपनी मुहर लगा दी है।

देश की खबरें | कर्नाटक मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना, अहम स्वास्थ्य योजनाओं को मंजूरी दी

बेंगलुरु, 24 जुलाई कर्नाटक के कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल ने बृहस्पतिवार को बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की स्थापना और स्थानीय अर्थव्यवस्था उत्प्रेरक कार्यक्रम (एलईएपी) की शुरुआत सहित कई पहलों पर अपनी मुहर लगा दी है।

पाटिल ने बताया कि प्रस्तावित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सीओई को कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत धारा 8 कंपनी के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए पांच वर्षों में कुल 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा।

उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘सैटेलाइट कम्युनिकेशन इंडस्ट्री एसोसिएशन (एसआईए-इंडिया) को उद्योग भागीदार के रूप में चुना गया है। इस परियोजना को कर्नाटक सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता अधिनियम, 1999 की धारा 4(जी) के तहत छूट दी गई है।’’

मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य अंतरिक्ष क्षेत्र में परीक्षण बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करना है, क्योंकि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और अन्य सरकारी एजेंसियों की ओर से संचालित सुविधाएं वर्तमान में पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और वे अपने खुद के मिशन पर केंद्रित हैं।

पाटिल ने कहा कि राज्य के स्टार्टअप पारिस्थितिकी से हर महीने लगभग 30 कार्यशील प्रोटोटाइप सामने आ रहे हैं, इसलिए स्वतंत्र परीक्षण की मांग बढ़ रही है।

मंत्रिमंडल ने स्थानीय अर्थव्यवस्था उत्प्रेरक कार्यक्रम (एलईएपी) शुरू करने की भी मंजूरी दे दी, जिसका कुल बजट पांच वर्षों में 1,000 करोड़ रुपये होगा। पहले वर्ष में कार्यान्वयन के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।

पाटिल के मुताबिक, एलईएपी को कर्नाटक भर में उभरते और मौजूदा स्टार्टअप को समर्थन देने और राज्य को भविष्य के लिए तैयार नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

मंत्री ने बताया कि रायचूर में राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के परिसर में 50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किदवई पेरिफेरल कैंसर उपचार इकाई की स्थापना को मंजूरी दी गई, जिसमें 20 करोड़ रुपये सिविल कार्यों के लिए और 30 करोड़ रुपये उपकरण खरीद के लिए शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने बेंगलुरू स्थित इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य संस्थान में 450 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना के लिए चिकित्सा उपकरण, फर्नीचर और अन्य उपकरण खरीदने के वास्ते अतिरिक्त 62 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

पाटिल ने बताया कि राजस्व मंत्री को सात बोर्ड और प्राधिकरणों का अध्यक्ष नियुक्त करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अब संबंधित बोर्ड/प्राधिकरणों के अधिनियमों में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है।

मंत्री के मुताबिक, मंत्रिमंडल ने अग्निशमन विभाग की कार्यकुशलता में सुधार के लिए राज्य में नवनिर्मित बहुमंजिला इमारतों पर संपत्ति कर के साथ एक प्रतिशत अग्निशमन उपकर लगाने को मंजूरी दे दी है।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने ‘गिग वर्कर्स’ पर मौजूदा अध्यादेश को औपचारिक विधेयक में बदलने को मंजूरी भी दे दी।

पाटिल ने कहा, ‘‘कर्नाटक प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर्स (सामाजिक सुरक्षा और कल्याण)-2025 विधेयक, जिसे मूल रूप से 30 मई को अध्यादेश के रूप में लागू किया गया था, आगामी विधानमंडल सत्र में पेश किया जाएगा।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2025 06:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).