देश की खबरें | कंगना रनौत को मिली वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा, अभिनेत्री ने दिया शाह को धन्यवाद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को घोषणा की कि विवादों में घिरी अभिनेत्री कंगना रनौत को वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करायी गयी है और करीब 10 सशस्त्र कमांडो उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना और उसकी सहयोगी पार्टियों ने भाजपा नीत केंद्र सरकार के इस फैसले की आलोचना की है।
नयी दिल्ली/मुंबई/ शिमला, सात सितंबर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को घोषणा की कि विवादों में घिरी अभिनेत्री कंगना रनौत को वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करायी गयी है और करीब 10 सशस्त्र कमांडो उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना और उसकी सहयोगी पार्टियों ने भाजपा नीत केंद्र सरकार के इस फैसले की आलोचना की है।
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना ने कहा था कि उन्हें मुंबई पुलिस से डर लगता है और उन्होंने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से की थी। कंगना ने सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया और कहा कि अब किसी देशभक्त आवाज़ को कोई भी नहीं कुचल सकेगा।
कंगना फिलहाल अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में हैं। उन्होंने कहा था कि वह नौ सितंबर को वह मुंबई लौटेंगी। इस घोषणा के बाद उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला लिया गया है।
कंगना की टिप्पणियों के चलते उनका शिवसेना सांसद संजय राउत से विवाद हो गया था। उन्होंने फिल्म उद्योग के एक तबके में मादक पदार्थों के इस्तेमाल सहित कई अन्य मुद्दों पर टिप्पणियां की थीं।
एक अधिकारी ने बताया कि वह बॉलीवुड की पहली कलाकार हैं जिन्हें सीआरपीएफ कमांडो की सुरक्षा मिली है। यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि क्या उन्हें इस सुरक्षा के लिए सरकार को भुगतान करना होगा या नहीं।
एक अधिकारी ने बताया कि वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा में 10 सशस्त्र कमांडो को तैनात किया जाता है, जो शिफ्ट के हिसाब से हर समय उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे।
कंगना को हिमाचल प्रदेश की बेटी बताते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीडियो जारी कर सुरक्षा प्रदान करने के फैसले का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें अभिनेत्री को सुरक्षा मुहैया करा रही हैं और उनकी सुरक्षा के लिए हरसंभव कोशिश की जाएगी।
उन्होंने कहा, ''मुझे जानकारी मिली है कि गृह मंत्रालय ने अभिनेत्री की सुरक्षा में सीआरपीएफ के 11 सदस्यीय कमांडो दल मुहैया कराया है। मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं और केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।''
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस अभिनेत्री के मनाली आवास पर सुरक्षा मुहैया कराएगी और उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वह सुरक्षा खतरे का आकलन करें।
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कंगना अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। केंद्र के फैसले के बाद उन्होंने ट्वीट कर आभार जताया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह दर्शाता है कि देश में कोई भी किसी देशभक्त को नहीं कुचल सकता। मैं गृहमंत्री अमित शाह की आभारी हूं।’’
कंगना ने कहा, ‘‘वह (अमित शाह) चाहते तो हालात के चलते मुझे कुछ दिन बाद मुंबई जाने की सलाह देते, मगर उन्होंने भारत की एक बेटी के वचनों का मान रखा, हमारे आत्मसम्मान की लाज रखी, जय हिंद।''
इस बीच कंगना ने अपने कार्यालय परिसर में बृहन्मुम्बई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों की मौजूदगी का वीडियो अपने ट्विटर एकाउंट पर साझा किया और आरोप लगाया कि वे उनके कार्यालय को ध्वस्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने जबरन मेरे कार्यालय की माप ली है और वे मेरे पड़ोसियों को धमका भी रहे थे। मुझे बताया गया है कि वे मेरी संपत्ति को कल ध्वस्त कर रहे हैं।’’
इस बीच, मुंबई में एक राजनीतिक विवाद पैदा हो गया। शिवसेना के साथ राकांपा और कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा।
महाराष्ट्र के राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय वडेट्टीवार ने केंद्र के फैसले को राजनीति से प्रेरित करार दिया। विजय ने कहा कि केंद्र का फैसला राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘कंगना भाजपा का ‘तोता’ हैं।
मंत्री ने कहा, ‘‘कंगना को सुरक्षा देकर केंद्र और भाजपा ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र के खिलाफ की गई उनकी टिप्पणी का समर्थन किया है। यह राज्य के लोगों के साथ विश्वासघात है।’’
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने परोक्ष रूप से कंगना पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग उस शहर के प्रति कृतज्ञ नहीं हैं जहां वे जीविकोपार्जन करते हैं।
शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र विधानसभा में सोमवार को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए जाने की मांग की।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा, “मुंबई और महाराष्ट्र का अपमान करने वालों को सुरक्षा देने का केंद्र सरकार का निर्णय आश्चर्यजनक और दुखद है।”
उन्होंने कहा, “यह राज्य सभी का है, भाजपा का भी है। कंगना रनौत के बयान की सभी को निंदा करनी चाहिए।”
इस फैसले की गूंज राष्ट्रीय राजधानी में भी सुनायी पड़ी और कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कंगना पर भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि देश की सत्तारूढ़ पार्टी ने उन्हें महाराष्ट्र को खुले तौर पर बदनाम करने और गठबंधन सरकार की आलोचना के लिए सुरक्षा कवच प्रदान किया है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कंगना ने गलत बयान दिया लेकिन देश में कानून के राज के तहत उन्हें सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता फडणवीस ने कहा, “किसी व्यक्ति को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। हालांकि, हम कंगना रनौत के बयान का समर्थन नहीं करते, और कोई भी नहीं करेगा, फिर भी उनको सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है।”
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