देश की खबरें | न्यायमूर्ति ओका की सेवानिवृत्ति के बाद न्यायमूर्ति नागरत्ना कॉलेजियम का हिस्सा बनेंगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश बनने की कतार में शामिल न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना न्यायमूर्ति अभय एस ओका की सेवानिवृत्ति के बाद उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की सदस्य होंगी।

नयी दिल्ली, 24 मई भारत की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश बनने की कतार में शामिल न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना न्यायमूर्ति अभय एस ओका की सेवानिवृत्ति के बाद उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की सदस्य होंगी।

न्यायमूर्ति नागरत्ना अभी शीर्ष अदालत की पांचवीं सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। वह 25 मई को आधिकारिक रूप से कॉलेजियम में शामिल हो जाएंगी और 29 अक्टूबर 2027 को भारत की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश के रूप में सेवानिवृत्त होने तक इसका हिस्सा रहेंगी।

उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम में अब प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति सूर्य कांत, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति नागरत्ना होंगे।

शीर्ष अदालत के सूत्रों के मुताबिक, प्रधान न्यायाधीश गवई उच्चतम न्यायालय में रिक्तियों को भरने और कई उच्च न्यायालयों में महत्वपूर्ण नियुक्तियां करने के लिए सोमवार को अपनी पहली कॉलेजियम बैठक बुला सकते हैं।

न्यायमूर्ति ओका के सेवानिवृत्त होने के बाद शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों के खाली पदों की संख्या तीन हो जाएगी।

कॉलेजियम प्रणाली 1993 में सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के बाद अस्तित्व में आई थी। इसके तहत, शीर्ष अदालत के पांच शीर्ष न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय और 25 उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति, तबादले और पदोन्नति की सिफारिश करते हैं।

कॉलेजियम प्रणाली में सरकार कॉलेजियम की सिफारिशें लौटा सकती है। हालांकि, कॉलेजियम के दोबारा सिफारिश करने पर वह आमतौर पर इसे स्वीकार कर लेती है। लेकिन ऐसे मामले भी आए हैं, जब सरकार ने फाइल को फिर से लौटा दिया है या सिफारिशों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

तीस अक्टूबर 1962 को जन्मी न्यायमूर्ति नागरत्ना भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश ईएस वेंकटरमैया की बेटी हैं। उन्होंने 28 अक्टूबर 1987 को बेंगलुरु में एक वकील के रूप में पंजीकरण कराया और संविधान, वाणिज्य, बीमा आदि से जुड़े मामलों में पैरवी की।

न्यायमूर्ति नागरत्ना को 18 फरवरी 2008 को कर्नाटक उच्च न्यायालय की अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। वह 17 फरवरी 2010 को स्थायी न्यायाधीश बनीं।

सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल 29 अक्टूबर 2027 तक रहेगा। 23 सितंबर 2027 के बाद देश की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल एक महीने से अधिक का हो सकता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

MI vs CSK, IPL 2026 33rd Match Scorecard: वानखेड़े स्टेडियम में चेन्नई सुपरकिंग्स ने मुंबई इंडियंस को 103 रनों से रौंदा, अकील होसेन ने चटकाए 4 विकेट; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

Shubman Gill IPL Stats Against RCB: आईपीएल इतिहास में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ कुछ ऐसा रहा हैं शुभमन गिल का प्रदर्शन, आंकड़ों पर एक नजर

RCB vs GT, IPL 2026 34th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम गुजरात टाइटंस के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Virat Kohli IPL Stats Against GT: आईपीएल इतिहास में गुजरात टाइटंस के खिलाफ कुछ ऐसा रहा हैं विराट कोहली का प्रदर्शन, ‘रन मशीन’ के आंकड़ों पर एक नजर