चुराचांदपुर/इंफाल (मणिपुर), 22 मार्च उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले न्यायमूर्ति बी आर गवई ने शनिवार को मणिपुर का दौरा किया और जातीय संघर्ष से त्रस्त राज्य के लोगों से शांति एवं सद्भाव बहाल करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
अधिकारियों ने बताया कि न्यायमूर्ति गवई ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश विक्रम नाथ, एम.एम. सुंदरेश और के.वी. विश्वनाथन के साथ चुराचांदपुर जिले में एक राहत शिविर का दौरा किया और विस्थापित लोगों से मुलाकात की।
उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने जिले के लमका स्थित मिनी सचिवालय से एक कानूनी सेवा शिविर और एक चिकित्सा शिविर का भी ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन किया।
मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी. कृष्णकुमार और न्यायमूर्ति गोलमेई गैफुलशिलू भी मौजूद थे।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति गवई ने कहा, ‘‘भारत का संविधान देश के सभी नागरिकों को समान अधिकारों की गारंटी देता है।’’
उन्होंने राज्य के लोगों से शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने का आग्रह किया।
न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए), जिसके वे कार्यकारी अध्यक्ष हैं, ने विस्थापित व्यक्तियों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए 2.5 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे पहले भी 1.5 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई थी।
उन्होंने कहा कि बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य भर में 109 चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं।
न्यायमूर्ति गवई ने संघर्ष के कारण स्कूल छोड़ने वाले छात्रों को फिर से दाखिला देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और जनता से आह्वान किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी छात्रों की शिक्षा पूरी हो सके।
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