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देश की खबरें | सीएए प्रदर्शनों के दौरान जामिया हिंसा से संबंधित याचिकाओं पर 12 जून को सुनवाई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि पिछले साल दिसंबर में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हिंसा से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर वह अगले हफ्ते सुनवाई करेगा।

देश की खबरें | सीएए प्रदर्शनों के दौरान जामिया हिंसा से संबंधित याचिकाओं पर 12 जून को सुनवाई
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नयी दिल्ली, पांच जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि पिछले साल दिसंबर में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हिंसा से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर वह अगले हफ्ते सुनवाई करेगा।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने मामले को 12 जून के लिए सूचीबद्ध किया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस और वकील स्नेहा मुखर्जी ने दिल्ली पुलिस द्वारा बृहस्पतिवार को दायर हलफनामे पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा।

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कोरोना वायरस महामारी के कारण पीठ ने मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए की।

दिल्ली पुलिस की ओर से अधिवक्ताओं अमित महाजन और रजत नायर ने याचिकाओं को खारिज करने का अनुरोध किया। याचिकाओं में सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय में पुलिस की कथित बर्बरता के खिलाफ निर्देश देने और दर्ज प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया गया है।

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दिल्ली पुलिस ने कहा कि ये याचिकाएं जनहित याचिकाओं का दुरुपयोग हैं क्योंकि परिसर में और उसके आसपास हिंसा की घटनाएं कुछ लोगों द्वारा सुनियोजित थीं तथा उन्हें स्थानीय समर्थन था।

याचिकाकर्ताओं में से एक नबीला हसन ने विश्वविद्यालय के निवासियों, छात्रों और याचिकाकर्ताओं के खिलाफ पुलिस के कथित बर्बर कदम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

हिंसा की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन करने की मांग वाली विभिन्न जनहित याचिकाओं का विरोध करते हुए पुलिस ने कहा पुलिस की बर्बरता का दावा पूरी तरह से गलत है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 05, 2020 04:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).