देश की खबरें | न्यायिक प्रणाली जनजातीय समुदायों के दरवाजे तक पहुंच गई है: न्यायमूर्ति गवई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश भूषण गवई ने गढ़चिरौली जिले के अहेरी तालुका में एक जिला एवं अतिरिक्त सत्र अदालत का उद्घाटन करने के बाद कहा कि न्याय प्रणाली इस जिले में जनजातीय समुदाय के दरवाजे तक पहुंच गई है।

गढ़चिरौली (महाराष्ट्र), 24 जुलाई उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश भूषण गवई ने गढ़चिरौली जिले के अहेरी तालुका में एक जिला एवं अतिरिक्त सत्र अदालत का उद्घाटन करने के बाद कहा कि न्याय प्रणाली इस जिले में जनजातीय समुदाय के दरवाजे तक पहुंच गई है।

उन्होंने शनिवार को अदालत के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल लोगों से कहा कि यह अदालत अहेरी, मुलचेरा, सिरोंचा, भामरागढ़ और एट्टापल्ली तालुका के 725 गांव को न्याय दिलाने में मदद करेगी।

एक विज्ञप्ति में न्यायमूर्ति गवई के हवाले से कहा गया कि गढ़चिरौली भौगोलिक रूप से एक बड़ा जिला है।

उन्होंने कहा कि अहेरी, सिरोंचा, भामरागढ़ और एट्टापल्ली तालुका गढ़चिरौली मुख्यालय से 100 से 125 किलोमीटर दूर हैं और ऐसी स्थिति में, इन तालुकों के लोगों को गढ़चिरौली अदालत (शहर में स्थित) आना पड़ता है।

न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि अहेरी में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय के उद्घाटन से न्याय प्रणाली गढ़चिरौली में जनजातीय समुदायों के दरवाजे पर पहुंच गई है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अहेरी में नयी अदालत की स्थापना की सराहना की।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महाराष्ट्र में 24 नयी अदालत और 138 त्वरित अदालत स्थापित करने को मंजूरी दी है और राज्य में पारिवारिक अदालतों की संख्या भी बढ़ी है।

फडणवीस ने कहा कि सरकार ने न्यायाधीशों के आवास के लिए 250 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\