न्यायपालिका के प्रवक्ता गुलामहुसैन इस्माईली ने पत्रकार रूहुल्ला ज़म को मौत की सजा सुनाए जाने की मंगलवार को घोषणा की।
जम ‘आमदन्यूज’ वेबसाइट संचालित किया करते थे। इस पर ईरानी अधिकारियों के बारे में ऐसी जानकारी और वीडियो पोस्ट किए जाते थे, जो उन अधिकारियों को शर्मसार करने वाले होते थे। ज़म सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम पर एक चैनल भी चलाते थे।
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ज़म के चैनल और वेबसाइट लोगों को जानकारी देती थी कि प्रदर्शन कितने बजे होंगे। उन पर डाली गई अधिकारियों को शर्मसार करने वाली जानकारी सीधे शिया धर्मतंत्र को चुनौती देती थी।
ज़म पेरिस में रह रहे थे और वहीं काम कर रहे थे। वह ईरान लौटे जिसके बाद उन्हें अक्टूबर 2019 में गिरफ्तार कर लिया गया।
न्यायपालिका के प्रवक्ता ने मौत की सजा सुनाए जाने की मंगलवार को घोषणा की। पत्रकार को उन आरोपों के तहत दोषी ठहराया गया जिसके तहत जासूसी करने या ईरान की सरकार को पलटने की कोशिश करने वालों के खिलाफ इल्जाम लगाया जाता है ।
रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने जम को सुनायी है। उनके अभियोजक का नाम पता नहीं चल पाया है ।
देश में 2017 में हुए प्रदर्शन के दौरान 5,000 लोग हिरासत में लिए गए और 25 लोगों की मौत हो गयी थी।
ज़म शिया धर्मग्ररू मोहम्मद अली जम के बेटे हैं जिन्होंने 1980 के दशक में सरकार के नीति निर्माण में भूमिका निभायी थी।
प्रवक्ता ने कहा कि एक अपीली अदालत ने शोधकर्ता फराबा आदिलकाह की जेल की सजा को बरकरार रखा है । उनके पास ईरान और फ्रांस की दोहरी नागरिकता थी।
एपी
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