शीतयुद्ध के दौरान की जासूसी दुनिया को दर्शाते उपन्यासों से उन्हें ख्याति मिली।
उनका जन्म 19 अक्टूबर, 1931 को दक्षिण पश्चिम इंग्लैंड के पुले में हुआ था। उनका नाम डेविड जॉन मूरे कॉर्नवेल था लेकिन वह जॉन ले कैर के नाम से मशहूर हुए।
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ले कैर की साहित्य एजेंसी कर्टिस ब्राउन ने रविवार को बताया कि उनका निधन दक्षिण पश्चिम इंग्लैंड में शनिवार को हुआ। वह कुछ समय से बीमार थे। एजेंसी ने बताया कि वह कोविड-19 से संक्रमित नहीं थे।
उनके परिवार ने बताया कि उनका निधन निमोनिया से हुआ।
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ले कैर ने ‘द स्पाई हू केम इन फ्रॉम द कोल्ड’, ‘टिंकर टेलर सोल्जर स्पाई’ और ‘द ऑनरेबल स्कूलब्वॉय’ जैसे उपन्यास लिखे।
उपन्यासकार स्टीफन किंग ने ट्वीट किया, ‘‘जॉन ले कैर का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। यह साल बहुत दुखद रहा।’’
लेखिका मारग्रेट एटवुड ने कहा, ‘‘सुनकर बहुत दुख हुआ। उनके उपन्यास 20वीं शताब्दी की जासूसी की दुनिया को समझने में अहम हैं।’’
लेखन की दुनिया में हाथ आजमाने से पहले ले कैर ने खुफिया एजेंसियों ‘एमआई5’ और ‘एमआई6’ के लिए काम किया था।
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