विदेश की खबरें | हार्वर्ड, एमआईटी के बाद जॉन हॉप्किन्स भी ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अदालत पहुंचा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका में ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने वाले विदेशी छात्रों के वीजा रद्द करने के ट्रंप प्रशासन के ''निर्दयी'' फैसले के खिलाफ जॉन हॉप्किन्स विश्वविद्यालय ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

न्यूयॉर्क, 12 जुलाई अमेरिका में ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने वाले विदेशी छात्रों के वीजा रद्द करने के ट्रंप प्रशासन के ''निर्दयी'' फैसले के खिलाफ जॉन हॉप्किन्स विश्वविद्यालय ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

इससे पहले हार्वर्ड और एमआईटी जैसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान भी अमेरिकी प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर कर चुके हैं।

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गत सोमवार को ट्रंप प्रशासन ने नए नियमों की घोषणा की थी, जिसके तहत अमेरिका में शिक्षा प्राप्त करने वाले उन्हीं विदेशी छात्रों को देश में रहने की अनुमति दी जाएगी जोकि आने वाले सत्र (सितंबर से दिसंबर) में किसी भी संस्थान में व्यक्तिगत तौर पर कक्षाएं ले रहे होंगे। ऐसे में केवल ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने वाले विदेशी छात्रों को वापस लौटना होगा।

वहीं, कई अमेरिकी विश्वविद्यालयों ने कोविड-19 महामारी के कारण ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है।

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जॉन हॉप्किन्स विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है। ट्रंप प्रशासन के नए नियमों के कारण इस विश्वविद्यालय में ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने वाले करीब 5,000 विदेशी छात्र प्रभावित होंगे।

विश्वविद्यालय ने कहा कि व्यक्तिगत कक्षाओं में दाखिला नहीं लेने वाले विदेशी छात्रों को वापस उनके देश भेजे जाने के नए नियम से जॉन हॉप्किन्स को ''अचानक एवं अप्रत्याशित'' झटका लगा है।

वाशिंगटन की जिला अदालत में दायर अपनी शिकायत में विश्वविद्यालय ने नए वीजा नियमों के प्रस्ताव पर अस्थायी निरोधक आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।

विश्वविद्यालय के अध्यक्ष रोनाल्ड जे डेनियल्स ने कहा, '' प्रशासन का यह निर्णय अनावश्यक, निर्दयी और प्रतिकूल है। ''

ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से अमेरिका में शिक्षा ग्रहण करने वाले हजारों भारतीय छात्र भी प्रभावित होंगे।

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