देश की खबरें | झामुमो उम्मीदवार महुआ माजी, भाजपा के आदित्य साहू झारखंड से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित
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रांची, तीन जून झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की महुआ माजी और भाजपा के आदित्य साहू को शुक्रवार को झारखंड से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। एक अधिकारी ने यहां यह जानकारी दी।
माजी और साहू की संसद के उच्च सदन में यह पहली पारी होगी।
चुनाव आयोग की अनुमति मिलने के बाद झारखंड विधानसभा के सचिव और चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारी सैयद जावेद हैदर ने नतीजों की घोषणा की। शुक्रवार तक किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया था जोकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख थी।
माजी पहले झारखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष थीं। वह झामुमो की महिला इकाई की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। झामुमो नेता ने पूर्व में रांची विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गई थीं।
राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा में झामुमो के 30 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 17 विधायक तथा मुख्य विपक्षी दल भाजपा के 26 विधायक हैं।
झारखंड राज्य के गठन के बाद 22 वर्षों में ऐसा चौथी बार हुआ है, जब राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।
झारखंड में राज्यसभा की कुल छह सीट हैं, जिनमें से दो सीटों के लिए प्रत्येक दो वर्ष पर चुनाव होते हैं। इस बार इस द्विवार्षिक चुनाव में दो ही उम्मीदवारों ने नामांकन किया था।
निर्वाचन अधिकारी ने दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की बृहस्पतिवार को जांच की थी और दोनों के नामांकन ठीक पाये गये, जिसकी सूचना चुनाव आयोग को भेज दी गयी थी।
शुक्रवार को शाम पांच बजे नाम वापसी का समय समाप्त होने के बाद चुनाव आयोग की अनुमति मिलने पर दोनों उम्मीदवारों के निर्वाचन की घोषणा की गयी।
साहू ने राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद कहा कि उनकी जीत से कार्यकर्ताओं में यह संदेश गया है कि भाजपा में कोई भी कार्यकर्ता किसी पद पर जा सकता है।
झारखंड की 82 सदस्यीय विधानसभा में 81 निर्वाचित सदस्य होते हैं लेकिन इस समय झारखंड विकास मोर्चा से कांग्रेस में गये विधायक बंधु तिर्की की सदस्यता आय से अधिक संपत्ति मामले में 28 मार्च को तीन वर्ष कैद की सजा पाने के बाद समाप्त हो चुकी है।
इसके चलते विधानसभा में मतदान कर सकने वाले कुल सदस्यों की संख्या 80 ही रह गयी है। अतः राज्य की वर्तमान विधानसभा में 26.67 मत पाने वाले उम्मीदवार का राज्यसभा में जाना तय माना जा रहा था।
निर्वाचन आयोग की ओर से नामांकन की अंतिम तारीख 31 मई निर्धारित की गयी थी जबकि 10 जून को मतदान होना था। पहली जून को नामांकन पत्रों की जांच की गयी और तीन जून तक उम्मीदवारों को अपना नाम वापस लेना था।
राज्य में महेश पोद्दार व मुख्तार अब्बास नकवी का कार्यकाल सांसद के रूप में सात जुलाई को खत्म हो रहा है जिसके चलते दो सीटें रिक्त हो रही हैं।
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