देश की खबरें | झामुमो ने राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने की घोषणा की, भाजपा ने स्वागत किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को होने वाले मतदान से सिर्फ चार दिन पहले राजग की उम्मीदवार और झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को अपना समर्थन देने की घोषणा करके हफ्तों से जारी अटकलों का अंत कर दिया। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने इस फैसले का स्वागत किया है।
रांची, 14 जुलाई झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को होने वाले मतदान से सिर्फ चार दिन पहले राजग की उम्मीदवार और झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को अपना समर्थन देने की घोषणा करके हफ्तों से जारी अटकलों का अंत कर दिया। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने इस फैसले का स्वागत किया है।
झामुमो के इस निर्णय का भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने तत्काल स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर पहली बार एक जनजातीय महिला को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया है, जिसका समर्थन कर झामुमो ने उचित कदम उठाया है।
भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी एवं पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी झामुमो के इस निर्णय का स्वागत किया है।
झारखंड कांग्रेस ने इसके पहले कहा था कि हर पार्टी अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा था कि झारखंड में गठबंधन सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए बना है, किसी अन्य मुद्दे पर नहीं।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में स्पष्ट किया कि झामुमो आगामी राष्ट्रपति चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेगा।
झामुमो की इस घोषणा से निश्चित तौर पर कांग्रेस और राजद के साथ राज्य में गठबंधन सरकार चला रहे झामुमो को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
अपने बयान में शिबू सोरेन ने कहा, ‘‘आगामी राष्ट्रपति चुनाव में झारखंड की पूर्व राज्यपाल एवं आदिवासी महिला श्रीमती द्रौपदी मुर्मू उम्मीदवार हैं। आजादी के बाद पहली बार किसी आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनने का गौरव प्राप्त होने वाला है।’’
शिबू सोरेन ने इस निर्णय के साथ अपने सभी सांसदों-विधायकों को द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान करने का निर्देश भी दिया है।
मुर्मू और सोरेन दोनों आदिवासी नेता हैं और संथाल जनजातीय समूह से ताल्लुक रखते हैं, जिसकी झारखंड के साथ-साथ पड़ोसी ओडिशा में भी बड़ी आबादी है।
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