देश की खबरें | मानव तस्करी की शिकार 45 बच्चियों को प्रतिमाह दो हजार रुपये भत्ता देगी झारखंड सरकार: मुख्यमंत्री

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मानव तस्करी कर दिल्ली भेजी गईं 45 बच्चियों को झारखंड वापसी पर अपने निवास पर बुलाकर उनसे मुलाकात की और उन्हें सरकार की ओर से वयस्क होने तक दो हजार रुपये प्रति माह भत्ता देने की घोषणा की।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

रांची, सात नवंबर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मानव तस्करी कर दिल्ली भेजी गईं 45 बच्चियों को झारखंड वापसी पर अपने निवास पर बुलाकर उनसे मुलाकात की और उन्हें सरकार की ओर से वयस्क होने तक दो हजार रुपये प्रति माह भत्ता देने की घोषणा की।

एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली से बचाकर यहां लाईं गईं इन बच्चियों से मुलाकात के बाद कहा कि इन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।।

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सोरेन ने कहा, ‘‘बच्चियों की इच्छा के अनुरूप सरकार निर्णय लेगी। वयस्क होने तक सभी बच्चियों को प्रतिमाह दो हजार रुपये भत्ता दिया जाएगा। वयस्क बच्चियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। उनकी जिंदगी का नया सफर प्रारंभ होगा। इस नयी शुरूआत में सरकार सदैव बच्चियों के साथ है।''

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘झारखण्ड की बच्चियां अन्य राज्य जाकर दाई व आया का काम करें, यह पीड़ादायक है। सरकार इसको लेकर चिंतित है। सरकार ने इसपर संज्ञान लिया है। राज्य की बच्चियों को नर्स का प्रशिक्षण प्रदान कर, उन्हें हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ा गया। उनके आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त हुआ। वे देश के बड़े अस्पतालों में बतौर नर्स मानव सेवा कर रहीं हैं।’’

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उन्होंने कहा कि सरकार का यह संकल्प है कि मानव तस्करी की शिकार बच्चियों को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्चियों को आश्वस्त किया कि उन्हें चिंतित होने की आवश्यकता नहीं। उनका बड़ा भाई राज्य की देखरेख में लगा है। झारखण्ड महिला सशक्तिकरण की दिशा में अग्रसर है।

इससे पूर्व मानव तस्करों द्वारा दिल्ली काम करने भेजी गईं रांची, गोड्डा, पाकुड़, पश्चिमी सिंहभूम, दुमका, लातेहार, सिमडेगा और गुमला की 45 बच्चियों को एयरलिफ्ट कर वापस झारखंड लाया गया।

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