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देश की खबरें | झारखंड वन विभाग ने जंगली भैंसों की घटती संख्या को बढ़़ाने के लिए अध्ययन शुरू किया

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देश की खबरें | झारखंड वन विभाग ने जंगली भैंसों की घटती संख्या को बढ़़ाने के लिए अध्ययन शुरू किया

रांची, 19 जनवरी झारखंड वन विभाग ने पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में गौर के नाम से लोकप्रिय बायसन (जंगली भैंसों) की घटती आबादी को बढ़ाने के लिए एक अध्ययन शुरू किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने दावा किया कि बाघों के भोजन का स्रोत गोजातीय भैंसा पीटीआर को छोड़कर पूरे झारखंड से विलुप्त हो चुका है। पीटीआर में केवल 50-70 जंगली भैंसे बचे हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक अवैध शिकार, संक्रमण और स्थानीय मवेशियों द्वारा उनके नैसर्गिक आवास में अतिक्रमण झारखंड से जंगली भैंसों के लुप्त होने के प्रमुख कारण हैं।

राज्य वन्यजीव बोर्ड के पूर्व सदस्य डीएस श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘एक समय झारखंड के सारंडा, दलमा, हजारीबाग, गुमला और कुछ अन्य जंगलों में जंगली भैंसे बहुतायत में थे, लेकिन ये पूरे राज्य से विलुप्त हो गए। पीटीआर, मुख्य रूप से बेतला रेंज, एक मात्र अंतिम ठिकाना बचा है, जहां जंगली भैंसे हैं, लेकिन उनकी संख्या में गिरावट आ रही है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि मवेशी पीटीआर में पशु जीवन के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पीटीआर के गांवों के आसपास के 1.5 लाख से अधिक पालतू मवेशियों ने जंगली भैंसों के अधिकांश स्थान पर कब्जा कर लिया है। वे जंगली भैंसों का चारा खा रहे हैं और मुंह और खुरपका जैसी कई बीमारियां भी फैला रहे हैं। वन विभाग को मवेशियों के चरने पर रोक लगाने की जरूरत है।’’

पीटीआर के निदेशक कुमार आशुतोष ने कहा कि वे जानवर पर प्रभाव डालने वाले कारकों का पता लगाने के लिए अध्ययन कर रहे हैं।

आशुतोष ने ‘पीटीआई-’ को बताया, ‘‘उनके व्यवहार से लेकर जीवित रहने की आवश्यकताओं तक विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि उनकी संख्या बढ़ाई जा सके।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 19, 2025 04:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).