रांची, पांच अप्रैल झारखंड उच्च न्यायालय ने रामगढ़ विधनसभा सीट से पूर्व में विधायक रहीं ममता देवी को बुधवार को एक आपराधिक मामले में जमानत दे दी।
हजारीबाग की जिला अदालत ने निजी औद्योगिक इकाई के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिंसा के लिए उकसाने के मामले में उन्हें दोषी करार देते हुए पिछले साल 12 दिसंबर को पांच साल कैद की सुनाई थी जिसके बाद उन्हें विधानसभा की सदस्यता से उन्हें अयोग्य करार दे दिया गया।
न्यायमूर्ति नवनीत कुमार की पीठ ने ममता देवी को बुधवार को ममता देवी की जमानत अर्जी मंजूर की।
कांग्रेस नेता को पूर्व में जमानत पर रिहा किया गया था लेकिन पिछले साल आठ दिसंबर को उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में एक निजी औद्योगिक इकाई द्वारा भूमि अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने गोलीबारी की थी जिसपर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।इस घटना में दो लोग मारे गए थे। प्राथमिकी के मुताबिक देवी ने भूमि अधिग्रहण को लेकर कंपनी के खिलाफ 160 ग्रामीणों के हिंसक प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।
इस मामले में देवी के खिलाफ भीड़ को उकसाने और पुलिस के काम को बाधित करने का मामला दर्ज किया गया था।
देवी को अयोग्य करार दिए जाने के बाद रिक्त हुए रामगढ़ सीट पर कराए गए उप चुनाव में ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन की सुनीता चौधरी विजयी हुई थीं।
, इन्दु
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY