देश की खबरें | जेईई (एडवांस्ड) 2021 : उच्चतम न्यायालय ने अधिकारी को अर्जी देने के लिए छात्रों को छूट दी

नयी दिल्ली, 15 सितंबर उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को छात्रों के एक समूह को छूट दी कि वे जेईई (एडवांस्ड) 2021 की सूचना विवरणिका के एक उपबंध के खिलाफ उपयुक्त अधिकारी के समक्ष आवेदन दे सकते हैं। इस उपबंध के तहत उम्मीदवारों के लिए आवश्यक है कि बारहवीं कक्षा या इसके समकक्ष परीक्षा देने के दो वर्षों के अंदर वे जेईई की परीक्षा में बैठें।

न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ताओं ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के संयुक्त नामांकन बोर्ड, जेईई (एडवांस्ड) के अध्यक्ष के समक्ष आवेदन दिए बगैर सीधे उच्चतम न्यायालय का रूख किया है।

पीठ ने कहा, ‘‘इसी मुताबिक हम इस रिट याचिका का इस छूट के साथ निस्तारण करते हैं कि पहले वे प्रतिवादी संख्या दो (अध्यक्ष, संयुक्त नामांकन बोर्ड) के समक्ष आवेदन दें।’’ पीठ में न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सी. टी. रविकुमार भी शामिल थे।

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि इस आवेदन पर त्वरित निर्णय किया जाए और इस पर निर्णय जेईई (एडवांस्ड) 2021 के लिए आवेदन किए जाने की अंतिम तिथि से पहले किया जाए।

इसने कहा, ‘‘वर्तमान याचिका में किए गए दावे में सुधार के सिलसिले में हम किसी तरह का विचार व्यक्त नहीं कर रहे हैं। कानून के सभी विकल्प खुले हैं।’’

उच्चतम न्यायालय पांच छात्रों की तरफ से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें बताया गया कि उन्होंने शैक्षणिक वर्ष 2018- 19 में 12वीं कक्षा की परीक्षा पास की थी और 2021 की सूचना विवरणिका में तय मानकों के मुताबिक आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में नामांकन हासिल करने का उनका अंतिम प्रयास 2020 तक ही था।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने 2021 में जेईई मेन्स परीक्षा पास की है लेकिन विवरणिका के एक उपबंध से वे दुखी हैं, जिसके मुताबिक किसी भी उम्मीदवार को 12वीं या उसके समकक्ष परीक्षा पास करने के दो वर्षों के भीतर परीक्षा देना अनिवार्य है, जबकि उपबंध के मुताबिक आयु सीमा 25 वर्ष है।

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