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देश की खबरें | जरांगे ने ओबीसी श्रेणी के तहत मराठा आरक्षण की मांग दोहराई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि महाराष्ट्र सरकार इस समुदाय को 10 प्रतिशत या 20 प्रतिशत आरक्षण देती है, बल्कि यह आरक्षण अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत होना चाहिए, न कि अलग।

देश की खबरें | जरांगे ने ओबीसी श्रेणी के तहत मराठा आरक्षण की मांग दोहराई

छत्रपति संभाजीनगर, 20 फरवरी मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि महाराष्ट्र सरकार इस समुदाय को 10 प्रतिशत या 20 प्रतिशत आरक्षण देती है, बल्कि यह आरक्षण अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत होना चाहिए, न कि अलग।

जालना जिले के अंतरवाली सरती गांव में पत्रकारों से बात करते हुए जरांग ने कहा कि वह इंतजार करेंगे और देखेंगे कि क्या राज्य सरकार कुनबी मराठों के ‘खून के रिश्तों’ पर अपनी मसौदा अधिसूचना को कानून में बदलती है या नहीं और उसके बाद अपने आंदोलन के बारे में फैसला करेंगे।

राज्य सरकार मराठा समुदाय के आरक्षण और अन्य मांगों पर चर्चा के लिए मंगलवार को राज्य विधानमंडल का एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है।

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा, “सरकार हमें वह दे रही है जो हम नहीं चाहते। हम अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में आरक्षण चाहते हैं, लेकिन वे इसके बजाय हमें एक अलग कोटा दे रहे हैं। यदि सरकार कुनबी मराठों के रक्त संबंधियों के लिए आरक्षण पर मसौदा अधिसूचना पर चर्चा और कार्यान्वयन नहीं करती है, तो हम कल आंदोलन की दिशा पर फैसला करेंगे।”

मराठों को अलग से 10 प्रतिशत आरक्षण देने के राज्य सरकार के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर जरांगे ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सरकार समुदाय के लिए 10 प्रतिशत या 20 प्रतिशत आरक्षण देती है, लेकिन यह ओबीसी श्रेणी के तहत होना चाहिए, न कि अलग से।

उन्होंने आरक्षण मुद्दे को भटकाने की कोशिश के लिए सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि वह मंत्री छगन भुजबल के प्रभाव में काम कर रही है, जो ओबीसी आरक्षण में मराठों के “पिछले दरवाजे से प्रवेश” का विरोध कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “ओबीसी श्रेणी के बाहर एक अलग आरक्षण कानूनी चुनौतियों का सामना कर सकता है, क्योंकि ऐसा करना आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक हो सकता है।”

जरांगे 10 फरवरी से भूख हड़ताल पर हैं। एक साल से भी कम समय में यह चौथी बार है, जब जरांगे ने मराठा समुदाय को ओबीसी समूह में शामिल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल की है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 20, 2024 03:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).