विदेश की खबरें | जापान के पुलिस प्रमुख ने करीब 60 साल बाद जेल से रिहा हुए व्यक्ति से माफी मांगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. हाकामादा (88) को शिजुओका डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि पुलिस और अभियोजकों ने हाकामादा के खिलाफ सबूत गढ़ने के लिए साठगांठ की और उन्हें घंटों तक बंद कमरे में चली हिंसक पूछताछ के बाद जुर्म कबूल करने के लिए मजबूर किया।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

हाकामादा (88) को शिजुओका डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि पुलिस और अभियोजकों ने हाकामादा के खिलाफ सबूत गढ़ने के लिए साठगांठ की और उन्हें घंटों तक बंद कमरे में चली हिंसक पूछताछ के बाद जुर्म कबूल करने के लिए मजबूर किया।

हाकामादा को इस महीने की शुरुआत में बरी किया गया जिससे अपनी बेगुनाही साबित करने की उनकी करीब 60 साल लंबी कानूनी लड़ाई खत्म हो गयी।

शिजुओका प्रांत के पुलिस प्रमुख ताकायोशी सुडा सोमवार को हाकामादा के घर उनसे मिलने पहुंचे तथा उनसे व्यक्तिगत तौर पर माफी मांगी। जब वह कमरे में घुसे तो हाकामादा उनका अभिवादन करने के लिए खड़े हो गए।

सुडा ने उनसे कहा, ‘‘हमें खेद है कि गिरफ्तारी के समय से लेकर बरी होने तक पूरे 58 बरस आपको ऐसे मानसिक कष्ट और बोझ का सामना करना पड़ा, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। हम माफी मांगते हैं।’’ साथ ही उन्होंने मामले की उचित जांच का भी वादा किया।

पूर्व मुक्केबाज को एक कंपनी के कार्यकारी और उसके परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के आरोप में अगस्त 1966 में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें शुरुआत में 1968 में एक जिला अदालत ने मौत की सजा सुनायी थी लेकिन बरसों तक चली अपील पर सुनवाई के कारण सजा तामील नहीं की जा सकी।

उच्चतम न्यायालय को उनकी पहली अपील खारिज करने में करीब तीन दशकों का वक्त लगा।

हाकामादा दुनिया में मौत की सजा पाने के बाद सबसे लंबे समय तक जेल में रहने वाले कैदी हैं।

उनके मामले ने जापान में मौत की सजा को लेकर फिर से बहस और जांच में पारदर्शिता तथा अपील के लिए कानूनी बदलाव की मांग शुरू कर दी है।

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