देश की खबरें | जम्मू कश्मीर : मेंढर उपमंडल में चालकों की कमी के कारण बेकार पड़े हैं ज्यादातर एंबुलेंस
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पुंछ/जम्मू, 16 जुलाई जम्मू कश्मीर में पुंछ जिले के मेंढर उपमंडल में एक गर्भवती महिला की मौत के पीछे एंबुलेंस चालकों की कमी को मुख्य कारण बताया गया है। चालक की कमी के कारण महिला को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका।
पिछले चार महीने से भी अधिक समय से मेंढर उपमंडल में चालकों की कमी के कारण क्षेत्र में उपलब्ध करीब दो दर्जन में से ज्यादातर एंबुलेंस का इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दक्षिण नियंत्रण रेखा के पास उपमंडल में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से केवल चार एंबुलेंस चालकों को ही तैनात किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, विभाग द्वारा नियुक्त कई एंबुलेंस चालकों ने चार महीने पहले यह आरोप लगाते हुए नौकरी छोड़ दी थी कि उन्हें नियमित रूप से वेतन नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एंबुलेंस बेड़े को पूरी तरह संचालित करने के कम से कम 22 एंबुलेंस चालकों की आवश्यकता होती है, हालांकि चौबीसों घंटे कामकाज सुनिश्चित करने के लिये प्रत्येक एंबुलेंस पर कम से कम तीन चालकों (कम से कम 66 चालकों) की आवश्यकता होती है।
मनकोटे तहसील से जिला विकास परिषद सदस्य इमरान जफर ने चालकों की कमी और इसके कारण होने वाली मौतों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
जाफर ने कहा, "मेंढर पहुंचने में लगभग तीन घंटे लगते हैं। हमने हाल ही में एक गर्भवती महिला को खो दिया क्योंकि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कोई एंबुलेंस चालक नहीं था और डॉक्टर भी गायब था। उसके परिवार ने उसे मेंढर ले जाने के लिए एक माल वाहक वाहन का सहारा लिया लेकिन उसकी मौत हो गई।"
उन्होंने कहा, "डॉक्टरों की कमी है और हमें गर्भवती महिलाओं को राजौरी के सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।’’
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