विदेश की खबरें | दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर जकार्ता, वाहनों का धुआं और शुष्क मौसम प्रदूषण का मुख्य कारण
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. दुनिया के चौथे सबसे अधिक आबादी वाले देश की राजधानी जकार्ता में पिछले कुछ महीनों से हर सुबह घना धुआं और धूलभरा आसमान दिखाई देता है।
दुनिया के चौथे सबसे अधिक आबादी वाले देश की राजधानी जकार्ता में पिछले कुछ महीनों से हर सुबह घना धुआं और धूलभरा आसमान दिखाई देता है।
स्विटजरलैंड स्थित ‘आईक्यूएयर’ की हालिया रैंकिंग के अनुसार जकार्ता दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में नियमित रूप से शीर्ष पर है।
जकार्ता पर्यावरण एजेंसी के प्रमुख एसेप कुस्वांटो ने शुक्रवार को एक सम्मेलन में कहा, "वास्तव में, 2023 में अब तक जकार्ता की वायु गुणवत्ता की स्थिति में काफी उतार-चढ़ाव आया है।"
इंडोनेशिया में फिलहाल मौसम शुष्क है, जो जुलाई से सितंबर तक चलता है। सितंबर में वायु प्रदूषण चरम पर होता है। इस दौरान जकार्ता क्षेत्र में वायु गुणवत्ता खराब हो जाती है, क्योंकि यह देश के पूर्वी हिस्से से आने वाली शुष्क हवा से प्रभावित होती है।
वायु प्रदूषण के लिए मोटर चालित वाहनों का उपयोग भी एक प्रमुख कारक है। पर्यावरण एवं वानिकी मंत्रालय के आंकड़ों में कहा गया है कि 44 प्रतिशत वायु प्रदूषण परिवहन से, जबकि 31 फीसद उद्योग से होता है।
जकार्ता शहर में एक करोड़ 10 लाख लोग रहते हैं, जबकि वृहद महानगर क्षेत्र में कुल तीन करोड़ लोग निवास करते हैं। वायु प्रदूषण एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है, और ‘सेटेलाइट समुदायों’ से प्रतिदिन लाखों लोग इस शहर में आते हैं।
इंडोनेशिया की एक अदालत ने 2021 में फैसला सुनाया था कि राष्ट्रपति जोको विदोदो और छह अन्य शीर्ष अधिकारियों ने नागरिकों के स्वच्छ हवा के अधिकारों की उपेक्षा की है। अदालत ने उन्हें राजधानी में खराब वायु गुणवत्ता में सुधार करने का आदेश दिया था।
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