देश की खबरें | लद्दाख में आईटीबीपी की ‘जलवायु नियंत्रित’ चौकी के इस साल शुरू होने की संभावना
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नयी दिल्ली, आठ जून चीन के साथ लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास लद्दाख में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पैंगोंग सो झील क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की पहली ‘जलवायु नियंत्रित’ सीमा चौकी इस साल तैयार हो जाने की संभावना है। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है।
सीमा चौकी (बीओपी) लद्दाख के पैंगोंग सो झील वाले क्षेत्र के पास लुकुंग में स्थित है, जहां पर वर्तमान में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गतिरोध चल रहा है ।
सीमा चौकी को महात्वाकांक्षी रणनीतिक परियोजना के तौर पर माना जाता है क्योंकि क्षेत्र में गलन भरी सर्दी और प्रतिकूल मौसमी हालात के बीच यहां से आईटीबीपी के जवानों को लंबे समय के लिए अग्रिम इलाके में तैनात करने में मदद मिलेगी ।
अधिकारियों ने कहा कि सीमा चौकी के लिए कंक्रीट ढांचे का काम हो चुका है। तापमान नियंत्रित करने की व्यवस्था के साथ ही अन्य सुविधाओं का परीक्षण होना है और इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
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सरकारी उपक्रम नेशनल प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनपीसीसी) इस परियोजना को पूरा कर रहा है। कुछ समय पहले इस उपक्रम के अधिकतर शेयर को जल शक्ति मंत्रालय के तहत आने वाले डब्लयूपीसीओएस (वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज) ले चुका है ।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीमा चौकी के निर्माण का काम पूरा हो चुका है । तापमान नियंत्रण करने की व्यवस्था को ठीक किया जा रहा है ।
उन्होंने कहा कि चौकी के भीतर 22-23 डिग्री तापमान बनाए रखना है जबकि यहां अभी 11-12 डिग्री तक तापमान करने में कामयाबी मिली है।
सूत्रों ने कहा कि हाल में एनपीसीसी का कमान बदलने और कोरोना वायरस महामारी के कारण परियोजना पूरा होने की तारीख आगे बढ़ गयी। हालांकि, काम में तेजी आयी है और उम्मीद है कि इस साल अंत तक यह चौकी काम करने लगेगी।
इस मोर्चे पर सेना, आईटीबीपी और चीनी सैनिकों के बीच हालिया गतिरोध के कारण क्या काम में तेजी लायी गयी, यह पूछे जाने पर घटनाक्रम से वाकिफ दो सरकारी अधिकारियों ने पीटीआई- को बताया कि पहले से यह परियोजना तेजी से चल रही थी।
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