इटली ने लंबे समय से लागू लॉकडाउन में ढील दी, नेताओं ने टीका बनाने की कोशिशों को तेज किया

विभिन्न देशों में अर्थव्यवस्था को दोबारा शुरू करने के लिए दबाव बढ़ता जा रहा है। वहीं राजनीतिक नेता कोविड-19 का टीका बनाने के लिए चल रहे अनुसंधान के वास्ते धन बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोरोना वायरस के संक्रमण का इलाज करने के लिए कोई टीका आने वाले महीनों में उपलब्ध हो सकता है लेकिन यह भी चेताया है कि इसमें समय भी लग सकता है।

यूनान में हज्जाम सहित तमाम काम-धंधे शुरू हो गए जबकि लेबनान में नयी शर्तों के साथ रेस्तरां खोले गये।

विभिन्न देशों में अर्थव्यवस्था को दोबारा शुरू करने के लिए दबाव बढ़ता जा रहा है। वहीं राजनीतिक नेता कोविड-19 का टीका बनाने के लिए चल रहे अनुसंधान के वास्ते धन बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोरोना वायरस के संक्रमण का इलाज करने के लिए कोई टीका आने वाले महीनों में उपलब्ध हो सकता है लेकिन यह भी चेताया है कि इसमें समय भी लग सकता है।

इटली यूरोप का पहला देश है जिसे कोरोना वायरस की महामारी ने बुरी तरह अपनी चपेट में किया। यह दुनिया के उन देशों है जहां पर सबसे अधिक मौतें हुई। हालांकि करीब दो महीने के लॉकडाउन के बाद यहां कामकाज शुरू हुआ है। पाबंदियों में ढील की वजह से करीब 44 लाख इतालवी नागरिक काम पर लौटे हैं।

रोम शहर के पुराने इलाके में यातायात रफ्तार पकड़ रहा है, निर्माण स्थल पर काम शुरू हो गया है और विनिर्माण इकाइयां चालू हो गई हैं। 11 मार्च के बाद पहली पर कैम्पो देइ फियोरी बाजार में फूल बेचने वाले दिखे।

यूरोप के एक बड़े हिस्से में संक्रमण की वृद्धि दर में गिरावट आई है जिसके बाद सार्वजनिक जनजीवन को शुरू करने की कोशिशें तेज हो गई हैं लेकिन यूरोपीय नागरिकों को मिली नयी आजादी सीमित है क्योंकि अधिकारी संक्रमण के दूसरे दौर को लेकर चिंतित हैं।

इटली में किसी की मृत्यु होने पर लोग शोक सभा कर सकते हैं लेकिन इसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या 15 तक सीमित कर दी गई है। हालांकि, अभी तक स्पष्ट नहीं है कि बड़े पैमाने पर लोगों के एकत्र होने पर लगी रोक कब हटाई जाएगी। रेस्तरां ने खाने का ऑर्डर पूरा करने के लिए साफ सफाई शुरू कर दी है लेकिन वहां की मेज पर खाना परोसने की अनुमति मिलने में अभी हफ्तों का समय लग है।

बेल्जियम ने कुछ कंपनियों को कर्मचारियों के लिए कार्यालय खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि, अभी तक घर से काम को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इटली की तरह ही यूनान, स्पेन और यूरोप के अन्य देशों के लोगों को सार्वजनिक परिवहन में मास्क पहनने को कहा गया है।

इटली के लोगों को अब भी बाहर निकलने पर कारण प्रमाणित करना होगा। हालांकि, अब बाहर निकलने के कारणों की सूची में विस्तार किया गया है और परिवार या प्रेमी से मिलना भी इसमें शामिल किया गया।

यूनान ने भी सोमवार से क्रमबद्ध तरीके से सात हफ्ते के लॉकडाउन में ढील देने की शुरुआत की। इसके तहत बाहर निकलने के लिए एसएमएस भेजने या स्वलिखित परमिट की आवश्यकता को खत्म कर दिया गया है।

यूनान में बाल काटने की दुकान, किताब और खेल के सामान बेचने सहित कुछ दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है लेकिन इस दौरान स्वच्छता और सामाजिक दूरी के नियम का कड़ाई से अनुपालन करना होगा।

सबसे प्रभावित स्पेन में लोगों को पहली बार बाल कटवाने और बाहर खाने की अनुमति मिली है लेकिन कई छोटी दुकानें अब भी बंद है क्योंकि वे स्वास्थ्य और स्वच्छता के कठोर दिशानिर्देशों का अनुपालन करने के लिए उनमें बदलाव कर रहे हैं।

पड़ोसी पुर्तगाल ने भी पाबंदियों में ढील दी है और छोटी दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी है।

यूरोप के पश्चिमी छोर पर मौजूद आइसलैंड में भी उच्च विद्यालय, दांत के डॉक्टर की क्लीनिक, सैलून सहित अन्य कारोबार को करीब छह हफ्ते के अंतराल पर खोलने की अनुमति दी गई।

पश्चिम एशिया में लेबनान ने सोमवार से 30 प्रतिशत की क्षमता के साथ रेस्तरां खोलने की अनुमति दे दी लेकिन कई कारोबारियों का कहना है कि वे अनुमति के बावजूद रेस्तरां नहीं खोलेंगे। उनका कहना है कि पस्त होती अर्थव्यवस्था के दौर में अगर वे सख्त पाबंदियों के साथ रेस्तरां खोलेंगे तो उन्हें भारी नुकसान होगा। हालांकि, लेबनान में कैफे, क्लब और बार को जून तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।

भारत ने करीब पांच हफ्ते की बंदी के बाद कुछ आर्थिक गतिविधियों को बहाल करने की अनुमति दी है। हालांकि, संक्रमण की दर में हल्की सी वृद्धि दर्ज की गई है। लॉकडाउन की वजह से देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने की दर में कमी लाने में सफलता प्राप्त हुई है लेकिन इससे गरीबों की मुश्किल और बढ़ गई है।

रूस में कोविड-19 के नये मरीजों में तेजी से वृद्धि हुई है और डर है कि इससे देश के अस्पतालों की व्यवस्था धराशायी हो सकती है। प्रशासन का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाने से नये मामलों में वृद्धि हुई है।

रूस की अर्थव्यवसथा मार्च के उत्तरार्ध से आंशिक रूप से बंद है और लॉकडाउन के प्रावधानों को अब 11 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर की सरकारों ने अबतक 35 लाख लोगों के संक्रमित होने और 2,47,000 लोगों की मौत होने की जानकारी दी है। इनमें से 67,000 मौतें अकेले अमेरिका में हुई है।

जानबूझकर महामारी को छिपाने, जांच की निम्न दर और केवल गंभीर रूप से बीमार लोगों को ही स्वास्थ्य सेवा में लाने का अभिप्राय है कि महामारी का वास्तविक प्रकोप कहीं अधिक है।

पाबंदी मुक्त रोजमर्रा की जिंदगी बिताने के लिए टीके का विकास एकमात्र कुंजी हैं। सोमवार को दुनिया के नेता वीडियो कांफ्रेंस के जरिये बैठक की। इसमें टीके पर शोध के लिए 4.37 अरब यूरो, इलाज के लिए दो अरब यूरो और जांच के लिए 1.5 अरब यूरो की व्यवस्था करने की उम्मीद है।

अधिकारियों का कहना है कि यह शुरुआत है।

विज्ञप्ति में फ्रांस, जर्मनी, इटली, नार्वे के नेताओं और यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि इस धन का इस्तेमाल मान्यता प्राप्त वैश्विक स्वास्थ्य संगठन के जरिये होगा।

यूरोपीय संघ के कार्यकारी आयोग ने उम्मीद जताई कि इसमें अमेरिका भी शामिल होगा लेकिन उसकी भूमिका को लेकर अस्पष्ट हैं। हालांकि अमेरिका दान सम्मेलन में भूमिका निभा सकता है।

जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पैन ने कहा कि भरोसेमंद उपलब्धि प्राप्त हुई है लेकिन चेतावनी दी कि चिकित्सा जगत में टीका विकसित करना सबसे बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे खुशी होगी अगर हम कुछ महीनों में सफल हो जाएं लेकिन मुझे लगता है कि हमें यथार्थवादी बने रहना चाहिए।’’

स्पेन ने रविवार को एआरडी टेलीविजन से कहा,‘‘ इसमें वर्षों लग सकते हैं, क्योंकि निश्चित रूप से असफलता मिल सकती है। हमने यह अन्य बीमारियों का टीका विकसित करते समय भी देखा।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Parsi New Year 2026 Messages: नवरोज मुबारक! इन हिंदी WhatsApp Wishes, GIF Greetings, Quotes, Photo SMS के जरिए दें बधाई

New Zealand Women vs South Africa Women, 3rd T20I Match Match Winner Prediction: तीसरे टी20 मुकाबले में जीत से दक्षिण अफ्रीका को हराकर सीरीज में बढ़त हासिल करना चाहेगी न्यूजीलैंड, मुकाबले से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती है बाजी

New Zealand Women vs South Africa Women, 3rd T20I Match Pitch Report: तीसरे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों का चलेगा बल्ला या दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज मचाएंगे कहर? यहां जानें बे ओवल की पिच रिपोर्ट

New Zealand Women vs South Africa Women, 3rd T20I Match Preview: आज न्यूजीलैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच खेला जाएगा तीसरा टी20 मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड्स, पिच रिपोर्ट, स्ट्रीमिंग समेत सभी डिटेल्स

\