देश की खबरें | देश में धर्मनिरपेक्षता बनाए रखना सभी धार्मिक समूहों का कर्तव्य है: सीबीसीआई

नयी दिल्ली, आठ जून कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) ने बुधवार को कहा कि देश में धर्मनिरपेक्षता बनाए रखना सभी धार्मिक समूहों का कर्तव्य है और यह लोगों की संवैधानिक अनिवार्यता है।

सीबीसीआई, काउंसिल फॉर लाईटी के सचिव शेवेलियर वीसी सेबेस्टियन के हवाले से एक बयान में कहा गया है कि धर्मनिरपेक्षता को हर कीमत पर बरकरार रखा जाना चाहिए, और किसी को भी धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

उनके हवाले से बयान में कहा गया है, ‘‘शांति और अहिंसा की घोषणा के बावजूद आतंकवाद दिन प्रतिदिन ‘‘मजबूत’’ होता जा रहा है और इसके मजबूत होने का विरोध करना हमारा कर्तव्य है।’’

बयान में कहा गया है कि सीबीसीआई, काउंसिल फॉर लाईटी ने राष्ट्रीय स्तर पर ‘‘आतंकवाद के खिलाफ प्रचार और जागरूकता कार्यक्रम’’ की घोषणा की है।

काउंसिल भारत में सभी संगठनों से इसमें शामिल होने का अनुरोध करती है।

भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर 15 अगस्त को काउंसिल फॉर लाईटी पूरे देश में शांति और अहिंसा का संकल्प लेकर अभियान शुरू करेगी।

सेबेस्टियन ने कहा कि इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में ईसाई संगठनों और संस्थानों के अलावा कई अन्य संगठन भी भाग लेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीयों को संविधान की भावना को गहराई से आत्मसात करना चाहिए जो सभी को अधिकारों और न्याय की समानता की गारंटी देती है।’’

उन्होंने कहा कि देशभर में धर्मनिरपेक्षता बनाए रखना भारत के सभी धार्मिक और अन्य समूहों का कर्तव्य है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)