देश की खबरें | साइबर अपराध की चुनौती का सामना जागरूकता से संभव : धामी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को साइबर अपराध को वर्तमान की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इसका मुकाबला करने के लिए सभी लोग न केवल स्वयं सतर्क रहें बल्कि अन्य लोगों को भी जागरूक करें।

देहरादून, सात मई उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को साइबर अपराध को वर्तमान की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इसका मुकाबला करने के लिए सभी लोग न केवल स्वयं सतर्क रहें बल्कि अन्य लोगों को भी जागरूक करें।

यहां एक कार्यक्रम में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार एवं डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक ओपी मनोचा की पुस्तक 'साइबर एनकाउंटर्स' का विमोचन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सभी लोगों खासकर विशिष्ट वर्ग के लोगों का यह नैतिक दायित्व है कि वे न केवल खुद जागरूक रहकर साइबर अपराध से बचें बल्कि लोगों में भी इसके प्रति चेतना जगाएं और उन्हें जागरूक करें।

इस संबंध में उन्होंने कहा, ‘‘आज ज्ञान—विज्ञान और अनुसंधान आगे बढ़ा है और हमें तरक्की और उन्नति की ओर ले जा रहा है, वहीं इसके नकारात्मक पहलू हमारे सामने चुनौती पेश करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘साइबर अपराध पुलिस और अपराधियों के बीच कभी न खत्म होने वाला एक ऐसा खेल है जिसमें दोनों ही एक दूसरे से आगे रहने की होड़ में होते हैं। अपराधी रोज नई-नई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं और पुलिस भी रोजाना नई-नई तकनीकों का सहारा लेकर अपराधियों के द्वारा बिछाये जा रहे जाल को तोड़ने का कार्य कर रही है।’’

धामी ने कहा कि सत्य घटनाओं के विश्लेषण पर आधारित यह पुस्तक पाठकों का मनोरंजन करने के साथ ही उन्हें साइबर अपराधों से बचाने और उन्हें जागरूक करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि पुस्तक का एक—एक पृष्ठ लोगों को साइबर अपराध की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक की प्रस्तावना प्रख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन ने लिखी है जो दर्शाता है कि इसका उद्देश्य व्यापक है। उन्होंने पुस्तक को प्रकाशित करने वाले प्रभात प्रकाशन की भी सराहना की।

पुस्तक के लेखक कुमार ने इस मौके पर कहा कि साइबर अपराध ने पुलिस के सामने कई नई चुनौतियां पेश की हैं जिनमें अपराधियों का हजारों मील दूर होना, अपराध के 'फिजिकल फुटप्रिंट' की जगह 'डिजिटल फुटप्रिंट' से अपराधी को ढूंढना और अपराध की संख्या बहुत ज्यादा होना शामिल है।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि देश में साइबर अपराध का गढ़ माने जाने वाले जामताड़ा और मेवात की तर्ज पर अब कई जगह पूरे के पूरे गांव ऐसी गतिविधियों में लिप्त हैं और इस कारण अपराधियों को पकड़ना एक अलग तरह की चुनौती है।

उन्होंने बताया कि केवल उत्तराखंड में ही पिछले साल साइबर अपराध की 14,399 शिकायतें आयीं। इस अवसर पर कुमार ने लोगों को साइबर अपराध से बचने के लिए टिप्स भी दिए।

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