जरुरी जानकारी | सात से आठ प्रतिशत वृद्धि के लिए एमएसएमई को बड़ी आपूर्ति शृंखलाओं में एकीकृत करना जरूरी: बेरी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वास्तविक तौर पर प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने और सात से आठ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने के लिए सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को बड़ी आपूर्ति शृंखलाओं में एकीकृत करना जरूरी है।

नयी दिल्ली, छह मार्च नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वास्तविक तौर पर प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने और सात से आठ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने के लिए सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को बड़ी आपूर्ति शृंखलाओं में एकीकृत करना जरूरी है।

बेरी ने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के आपूर्ति शृंखला पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वृद्धि नवोन्मेष और व्यापार से लाभ के माध्यम से होती है, लेकिन जब आप अच्छा कर रहे हों तो गति को बनाए रखना कठिन होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘चुनौती आगे बढ़ते रहने की है। भारत के कॉरपोरेट क्षेत्र को आगे बढ़ना होगा और वास्तविक प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने और सात से आठ प्रतिशत की वृद्धि हासिल करने के लिए एमएसएमई को बड़ी आपूर्ति शृंखलाओं में एकीकृत करने की आवश्यकता है।’’

बेरी ने भारत की वृद्धि संभावनाओं पर कहा कि देश ने कोविड महामारी के बाद उल्लेखनीय आर्थिक पुनरुद्धार हासिल किया है। भारत आज दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और इसे अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने स्वीकार किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुद्रास्फीति में नरमी और गरीबी के स्तर में गिरावट के साथ, देश मजबूत वृद्धि के रास्ते पर है। अब चुनौती इस गति को बनाये रखने और तेज करने की है।’’

पर्यावरण अनुकूल पहल के महत्व का जिक्र करते हुए बेरी ने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया हरित आपूर्ति शृंखलाओं की ओर बढ़ रही है, भारतीय उद्यमों को इसे अपनाने के लिए कदम उठाना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘पर्यावरण अनुकूल उपाय अब केवल अनुपालन के बारे में नहीं है, यह वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में एक मुख्य कारक बन रहा है।’’

बेरी ने कहा कि इस परिवर्तन में एमएसएमई को समर्थन दिया जाना चाहिए, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे एक हरित, अधिक मजबूत औद्योगिक परिवेश का हिस्सा हैं।

रमण अजय

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\