देश की खबरें | डीजेबी को जुर्माना लगाने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया : डीपीसीसी ने एनजीटी को बताया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण को सूचित किया है कि उसने अनधिकृत कॉलोनियों में सीवेज की सुविधा उपलब्ध नहीं कराने पर जुर्माना लगाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नयी दिल्ली, 11 नवंबर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण को सूचित किया है कि उसने अनधिकृत कॉलोनियों में सीवेज की सुविधा उपलब्ध नहीं कराने पर जुर्माना लगाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
एनजीटी ने इससे पहले, राष्ट्रीय राजधानी में मलजल प्रबंधन के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए समिति से जवाब किया था।
डीपीसीसी की छह नवंबर की रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘डीपीसीसी ने छह नवंबर को डीजेबी को पर्यावरण क्षतिपूर्ति (ईसी) लगाने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है, क्योंकि उसने अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी-झोपड़ी (जेजे)में समयबद्ध तरीके से सीवर की सुविधा उपलब्ध नहीं करायी है, जिसके परिणामस्वरूप यमुना नदी या यमुना नदी की ओर जाने वाले नालों में बिना शोधन जलमल बहाया जा रहा है।’’
रिपोर्ट के साथ संलग्न पत्र में दिल्ली जल बोर्ड से सभी अनाधिकृत कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए समयसीमा सहित विस्तृत कार्ययोजना तलब की गई है।
डीपीसीसी ने बोर्ड से नवंबर 2018 से इन कॉलोनियों में निकले वाले मलजल, उसके शोधन और अशोधित मलजल का ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा।
प्रदूषण नियंत्रण निकाय ने बोर्ड से 15 दिनों के बताने को कहा कि अनाधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी बस्तियों के अलावा अन्य स्रोतों से उत्पन्न जल-मल की कितनी मात्रा है जिसका शोधन नहीं हो रहा है।
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