एक रेडियो साक्षात्कार में यरूशलम विषयक एवं विरासत मंत्री अमिचाई इलियाहू ने कहा कि ‘‘गाजा में ऐसा कोई नहीं है जो लड़ाई में शामिल नहीं है’’, ऐसे में पट्टी को मानवीय सहायता प्रदान करना ‘एक विफलता’ होगी।
जब उनसे कहा गया कि जब उनकी दृष्टि से गाजा में सभी लड़ाके हैं तो क्या गाजा पट्टी पर परमाणु हमला ‘‘एक विकल्प’’ है तो उन्होंने कहा, “यह एक तरीका है।”
उनकी इस टिप्पणी पर सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष, दोनों ही नाराज हो गये हैं एवं विपक्ष ने उन्हें सरकार से बाहर करने की मांग की।
इस नाराजगी के बाद इलियाहू अपने बयान से पीछे हट गये और उन्होंने इसे ‘अतिश्योक्तिपूर्ण’ टिप्पणी बताया। उन्होंने कहा, ‘‘ यह सभी समझदार लोगों के लिए स्पष्ट है कि परमाणु (बम) के बारे में यह टिप्पणी महज एक अतिश्योक्ति है। हमें वाकई आतंक के प्रति जबर्दस्त जवाबी कार्रवाई दिखाने की जरूरत है जिससे नाजियों एवं उनके समर्थकों को स्पष्ट हो जाए कि आतंकवाद महत्वहीन है...।’’
उन्होंने तनाव को दूर करने के प्रयास में कहा, ‘‘ साथ ही, यह स्पष्ट है कि इजराइल बंधकों को जिंदा एवं सेहतमंद स्थिति में वापस लाने के दायित्व से बंधा है। ’’
इस बीच, प्रधानमंत्री ने इलियाहू को अनिश्चितकाल के लिए सरकारी बैठकों से निलंबित कर दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी।
उसने कहा कि इलियाहू युद्ध संबंधी निर्णय लेने वाली मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति का हिस्सा नहीं हैं। नेतान्यहू ने इस टिप्पणी को ‘सच से परे’ बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ इजराइल और आईडीएफ (इजराइल डिफेंस फोर्सेज) यह सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के उच्च मापदंडों के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं कि बेगुनाह लोगों को कोई नुकसान न हो। हम जीत सुनिश्चित करने तक ऐसा करते रहेंगे।’’
एपी
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