विदेश की खबरें | इज़राइल-यूएई की ‘ऐतिहासिक’ पहली सीधी उड़ान अबु धाबी पहुंची
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मध्य एशिया में शांति की ओर ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच पहला व्यावसायिक विमान सोमवार को अबु धाबी में उतरा।
अबु धाबी/यरुशलम, 31 अगस्त मध्य एशिया में शांति की ओर ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच पहला व्यावसायिक विमान सोमवार को अबु धाबी में उतरा।
इस विमान से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मीर बेन शब्बात नीत उच्च स्तरीय इजराइली प्रतिनिधिमंडल और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार एवं दामाद जेरेड कुश्नर और अमेरिकी राष्ट्रपति के सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओब्रायन नीत अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंचा है।
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विमान से उतरने के बाद कुश्नर ने कहा, ‘‘हमने अभी-अभी वाकई ऐतिहासिक उड़ान पूरी की है। आशा करते हैं कि यह भविष्य में आने वाली तमाम उड़ानों में से एक हो।’’
उन्होंने इस अवसर के लिए दोनों देशों के नेतृत्व को धन्यवाद दिया। सऊदी अरब ने भी सीधी उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग की अनुमति दे दी है।
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कुश्नर ने कहा, ‘‘लोग शांति चाहते हैं, सिवाय उनके जो दूसरों की तकलीफों को सीढ़ी बनाकर सत्ता में बने रहना चाहते हैं। भविष्य क्षेत्र के मेहनती लोगों का है।’’
इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 13 अगस्त को घोषणा की थी कि वे अमेरिका की मध्यस्थता से हुए समझौते के तहत पूर्ण कूटनीतिक संबंधों को स्थापित कर रहे हैं। इस समझौते के तहत इजराइल को पश्चिम तट के कुछ हिस्सों को अपने अधिकार क्षेत्र में मिलाने की अपनी योजना पर रोक लगानी है।
यूएई तीसरा अरब देश है जिसने यहूदी देश के साथ सीधे कूटनीतिक संबंध जोड़े हैं। इनके अलावा इज़राइल के दो पड़ोसी देश जॉर्डन और मिस्र उसे मान्यता देते हैं।
इस कदम को बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि इजराइली राष्ट्रीय विमानन कंपनी, एल अल का विमान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र से होकर गुजरा। विश्लेषक इसे खाड़ी देशों द्वारा इजराइल को स्वीकार किए जाने और संभवत : उस क्षेत्र में अन्य “मित्रवत देशों” के साथ रिश्तों के सामान्य होने के तौर पर देख रहे हैं।
इजराइल के बेन गुरियन हवाईअड्डे से उड़ान भरने के बाद तीन घंटे 20 मिनट की यात्रा करके यह विमान अबु धाबी पहुंचा।
सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम की खबर के अनुसार, यह पूछने पर कि क्या अमेरिका यूएई को एफ-35 लड़ाकू विमान बेचेगा, कुश्नर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नेतान्याहू और राष्ट्रपति ट्रंप कभी ना कभी इस बारे में चर्चा करेंगे।’’
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