विदेश की खबरें | इजराइल ने ईरान की कुख्यात जेल सहित उसकी सत्ता के प्रतीकों को निशाना बनाया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

तेहरान के ऊपर घने धुएं के गुबार उठने के साथ ही इजराइल पर ईरानी मिसाइलों और ड्रोन की एक और बौछार की गई।

संघर्ष के 11वें दिन, इजराइल ने कहा कि उसने ‘‘तेहरान के बीचोंबीच स्थित सरकारी ठिकानों और दमनकारी सरकारी निकायों पर हमला किया।’’ साथ ही इजराइल के अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि वे ईरान की सरकार को उखाड़ फेंकना नहीं चाहते जो 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से उनकी कट्टर दुश्मन रही है।

इजराइल की सेना ने ईरानियों को चेतावनी दी है कि वह ‘‘आने वाले दिनों’’ में तेहरान के आस-पास के सैन्य ठिकानों पर हमला करना जारी रखेगी। इजराइल की सेना ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर चेतावनी जारी की, हालांकि इंटरनेट बंद होने के कारण ईरानी नागरिकों को बाहरी दुनिया तक पहुंच बनाने में कठिनाई हो रही है।

इजराइल की तरफ से ताजा हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ‘ट्रुथ’ सोशल पर यह लिखे जाने के कुछ ही घंटों के बाद किया गया कि ‘‘यदि मौजूदा ईरानी सरकार ईरान को फिर से महान बनाने में असमर्थ है, तो शासन परिवर्तन क्यों नहीं होगा???"

अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय एवं आधिकारिक आवास ‘व्हाइट हाउस’ की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बाद में ट्रंप को ‘‘बस एक सवाल उठाने वाला’’ बताया। हालांकि, ईरानी सरकार को उखाड़ फेंकने के संकेतों ने तेहरान में नये सिरे से आक्रोश उत्पन्न किया।

ईरान ने इस बात पर जोर दिया कि वह इस समय बातचीत नहीं करेगा और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ सीधे जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी। यह क्षेत्र पहले से ही गाजा पट्टी में अभी भी जारी इजराइल-हमास संघर्ष से अशांत है।

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