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अमेरिका के संभावित प्रतिबंध पर नाराज इस्राएल

एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका इस्राएली सेना की विवादित बटालियन नेत्जाह येहूदा पर प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहा है.

अमेरिका के संभावित प्रतिबंध पर नाराज इस्राएल
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका इस्राएली सेना की विवादित बटालियन नेत्जाह येहूदा पर प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहा है. अमेरिका के इस संभावित प्रतिबंध ने इस्राएल को नाराज कर दिया है.नेत्जाह येहूदा पर फलस्तीनी इलाके वेस्ट बैंक में मानवाधिकारों के हनन के आरोप लगते हैं. ऐसे में, रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका की प्रस्तावित योजना में इस्राएली रक्षा बल (आईडीएफ) की इस यूनिट को अमेरिका से सैन्य मदद और प्रशिक्षण पर रोक सकती है.

अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस की रिपोर्ट में कहा गया है कि उसे अमेरिकी सरकार के एक सूत्र से जानकारी मिली है कि विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन कुछ ही दिनों में प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार यह फैसला इस्राएल पर 7 अक्टूबर को होने वाले हमास के आतंकवादी हमले से पहले वेस्ट बैंक में हुई घटनाओं पर आधारित है.

इस यूनिट को 2022 में वेस्ट बैंक से हटा लिया गया था. यह फैसला आईडीएफ और पुलिस की कई यूनिटों पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगने के बाद उठाया गया. एक्सियोस की रिपोर्ट कहती है कि अन्य यूनिटों पर प्रतिबंध नहीं लगेंगे क्योंकि उन्होंने अपने व्यवहार में सुधार कर लिया है.

इस्राएल की तीखी प्रतिक्रिया

बेन्यामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "इस्राएली रक्षा बलों पर प्रतिबंध नहीं लगाए जाने चाहिए.” उन्होंने कहा कि वह ऐसे कदम का भरपूर विरोध करेंगे. इस्राएली युद्ध कैबिनेट के सदस्य बेनी गैंट्ज ने कहा कि यूनिट पर प्रतिबंध लगाने से एक खतरनाक मिसाल कायम होगी और युद्ध के समय में "हमारे बाकी दुश्मनों को" गलत संदेश जाएगा.

अगर ऐसा होता है तो यह पहला मौका होगा जब अमेरिका किसी इस्राएली सैन्य यूनिट के खिलाफ प्रतिबंध लगाएगा. नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने हाल के हफ्तों में इस्राएली नागरिकों पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ अभियान चलाया था, जिसमें वरिष्ठ अमेरिकी सरकारी अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत भी शामिल थी. उन्होंने लिखा, "ऐसे समय में जब हमारे सैनिक आतंकियों से लड़ रहे हैं, आईडीएफ की यूनिट पर प्रतिबंध लगाने का इरादा बेतुकेपन की पराकाष्ठा और नैतिक पतन है."

टाइम्स ऑफ इस्राएल के मुताबिक, गैंट्ज ने कहा कि इस फैसले को रोकने की पूरी कोशिश की जाएगी. उन्होंने इस यूनिट को "आईडीएफ का एक अभिन्न अंग" बताया और कहा कि यह सैन्य और अंतरराष्ट्रीय कानून से बाध्य है. गैंट्ज ने कहा कि इस्राएल में "मजबूत और स्वतंत्र" अदालतें हैं जो कथित उल्लंघनों से निपटने में सक्षम हैं. आईडीएफ ने कहा है कि ‘नेत्जाह येहूदा' के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध की कोई भी जानकारी अब तक उन तक नहीं पहुंची है.

इस्राएल ने 1967 में छह-दिन के युद्ध में वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशलम पर नियंत्रण कर लिया था. आज वहां 600,000 से अधिक इस्राएली निवासी रहते हैं. फलस्तीनी इन क्षेत्रों पर अपना दावा करते हैं और वहां अपना एक अलग देश कायम करना चाहते हैं जिसकी राजधानी पूर्वी यरुशलम हो.

एसके/एक (डीपीए)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2024 08:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).