अमेठी (उप्र), 13 अक्टूबर केन्द्रीय मंत्री एवं अमेठी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को गांधी परिवार, खासकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि अमेठी से चुनाव जीतकर सरकार चलाने वालों ने कभी देश के विकास के बारे में नहीं सोचा और क्षेत्र के लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया।
ईरानी ने यहां 'सांसद खेल—कूद प्रतियोगिता—2023' के समापन अवसर पर अपने सम्बोधन में गांधी परिवार को निशाने पर रखा। उन्होंने अमेठी से सांसद रह चुके पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिये बगैर कहा, ''कुछ लोगों ने यहां से चुनाव जीता और देश की सरकार चलाई। उन्होंने यहां के लोगों के विकास के बारे में कभी नहीं सोचा और उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया। वे खुद जीतते रहे लेकिन विकास की ओर नहीं देखा।''
उन्होंने कहा, ''गोमती नदी के पिपरी घाट पर पुल का निर्माण तब हुआ जब केंद्र में नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनी।''
ईरानी ने कहा, ''यहां से जीतने वाले सांसद दिल्ली में बैठकर बिजली का आनंद लेते थे और लोगों को अंधेरे में छोड़ देते थे, लेकिन नरेन्द्र मोदी की सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार ने अमेठी के एक लाख 23 हजार परिवारों को बिजली देने का प्रयास किया है।''
उन्होंने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, ''एक परिवार की महिला अमेठी से सांसद हुआ करती थीं लेकिन उन्होंने कभी अमेठी की महिलाओं के सम्मान के बारे में नहीं सोचा और न ही अमेठी में शौचालय बनाने के लिए कोई काम किया। नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सरकर बनने के बाद अमेठी के हर घर में शौचालय बनाने का काम किया गया। हमारी सरकार ने महिलाओं के सम्मान के लिए काम किया है।''
स्मृति ईरानी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में गांधी परिवार के गढ़ अमेठी में तीन बार के सांसद राहुल गांधी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। राहुल गांधी से पहले सोनिया गांधी भी अमेठी का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
ईरानी ने राहुल गांधी के केरल के वायनाड से चुनाव लड़ने पर तंज करते हुए कहा, ''वह अमेठी से भागकर दक्षिण भारत चले गये। अब वह यह कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं कि हम अमेठी से चुनाव लड़ेंगे। वह अमेठी आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं और यह अमेठी के लोगों की ताकत का परिणाम है।''
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाने साधते हुए कहा, ''यहां के पूर्व सांसद मनरेगा के तहत रोजगार देने का ढिंढोरा पीटते थे लेकिन हकीकत यह थी कि यहां के तीन प्रतिशत लोगों को भी मनरेगा योजना के तहत काम नहीं मिल पाता था। इसका एक बड़ा कारण यह था कि क्षेत्र के सांसद पाँच वर्ष में एक बार ही दर्शन देते थे।''
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज बनाने के नाम पर जमीन ली गई लेकिन वहां अपने लिए गेस्ट हाउस बना लिया गया। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तभी अमेठी में मेडिकल कॉलेज खोला गया।
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