समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कहा कि शनिवार को पत्रकार रुहल्ला जैम (47) को फांसी दिए जाने पर यूरोपीय संघ के बयानों की वजह से ईरानी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने जर्मन राजदूत को तलब किया।
ईरानी अधिकारियों ने पिछले साल पड़ोसी देश इराक में जैम को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से जैम ईरानी जेल में बंद थे।
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जर्मन विदेश मंत्रालय ने शनिवार को जैम की सजा की परिस्थितियों को लेकर दुख व्यक्त किया और इसे "विदेश से अपहरण" करार दिया।
आईआरएनए ने कहा कि ईरान पत्रकार की फांसी पर यूरोपीय प्रतिक्रियाओं को लेकर तेहरान में फ्रांस के राजदूत को भी आज बुलाएंगे।
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ईरान ने फ्रांस के राजदूत को भी तलब किया है।
फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यह एक बर्बर और अस्वीकार्य कृत्य है।’’ फ्रांस ने फांसी की सजा को ईरान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को 'गंभीर झटका' करार देते हुए इसकी निंदा की।
जैम ईरान लाए जाने से पहले फ्रांस में रह रहे थे।
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने शनिवार तड़के जैम को फांसी दिए जाने की घोषणा की थी।
एक ईरानी अदालत ने जून में जैम को मानवता के प्रति अति गंभीर अपराध का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनायी थी।
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