तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान ने ईरान युद्ध को ठंडा करने के लिए अमेरिका और ईरान को एक प्रस्ताव भेजा है. असमंजस भरे संकेत देते दोनों पक्षों ने बातचीत के संकेत दिए हैं.ईरान युद्ध शांत कराने के इरादे से तीन मध्यस्थ देशों ने रविवार देर रात ईरान और अमेरिका को एक ड्राफ्ट भेजा है. इस प्रस्ताव में 45 दिन के संघर्ष विराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग है. अमेरिकी समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, पश्चिम एशिया के दो अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी है. संघर्ष विराम का यह प्रस्ताव मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के मध्यस्थों ने तैयार किया है. तीनों का मानना है कि 45 दिन की अवधि स्थायी संघर्ष विराम पर बातचीत का मौका दे सकती है. यह ड्राफ्ट ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया है.
इससे पहले, रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात आठ बजे (ईस्टर्न टाइम) के बाद भीतर होर्मुज स्ट्रैट खोलने की धमकी दी है. अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा, "मंगलवार, पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा, ईरान में ये एकसाथ लपेट दिया जाएगा." आगे ट्रंप ने लिखा, "तुम सरफिरे....(अपशब्द)... (अपशब्द) स्ट्रैट को खोलो या तुम नर्क में रहोगे- बस देखते जाओ."
हालांकि इस धमकी के कुछ घंटों बाद ही ट्रंप ने यह भी कहा कि, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत चल रही है और सोमवार तक एक समझौता होने की उम्मीद है.
ईरान ने भी कहा है कि उसने संघर्ष विराम को लेकर अपनी मांगे और अपनी स्थिति सामने रखी है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई के मुताबिक, मध्यस्थों के माध्यम से यह जानकारी आगे पहुंचा दी गई है.
शांति की कोशिशों के बीच नए निशाने
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इस्राएल के ईरान पर हमलों से शुरू हुआ ये युद्ध, अब पांचवें हफ्ते में दाखिल हो चुका है. होर्मुज जलमार्ग बंद होने से इस युद्ध का असर पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है. वैश्विक बाजारों में उथल पुथल मची हुई है और तेल, गैस, रासायनिक खाद और अहम रसायनों की सप्लाई बाधित हो चुकी है.
इस बीच सोमवार, छह अप्रैल को भी तेहरान में कई जगहों पर धमाके सुनाई पड़े. ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, एक रिहाइशी इमारत पर हुए हमले में कम से कम 13 लोग मारे गए. ईरान ने भी इस्राएल की पोर्ट सिटी हाइफा पर कई रॉकेट दागे हैं, हाइफा और तेल अवीव समेत कई इस्राएली शहरों में कुछ रॉकेट और उनके हिस्से गिरे हैं.
ईरान के एक और बड़े अधिकारी की मौत
इस्राएल ने सोमवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख की मौत की जिम्मेदारी ली है. इस्राएली रक्षा मंत्री, इस्राएल कात्ज के मुताबिक तेहरान के दूसरे नेता भी अब खुद को निशाने पर महसूस कर रहे हैं और इस्राएल "एक एक कर उन्हें खत्म करेगा." उन्होंने कहा कि ताजा हमलों में ईरान के स्टील और पेट्रोकेमिकल सेक्टर को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है.
ईरान ने मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत की पुष्टि की है. जून 2025 में 12 दिन तक चले ईरान-इस्राएल युद्ध के दौरान रिवोल्यूशनरी गार्ड के तत्कालीन खुफिया प्रमुख मोहम्मद काजेमी की मौत हुई थी. खादेमी ने उन्हीं की जगह ली थी.
अमेरिका स्थिति मानवाधिकार संगठन, HRANA के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ईरान में 3,540 लोग मारे जा चुके हैं. इनमें 244 बच्चे भी शामिल हैं. लेबनान के अधिकारियों के मुताबिक, लेबनान में जारी इस्राएली हमलों में अब तक 1,461 लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं.













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