विदेश की खबरें | ईरान परमाण वार्ता में माहौल सकारात्मक, लेकिन प्रगति कम हुई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी पाबंदियों को हटाने और ईरान को समझौते के पालन के लिए मनाने के तरीकों पर चर्चा के लिए मंगलवार से वियना में दो कार्यसमूह बैठक कर रहे हैं।

अमेरिकी पाबंदियों को हटाने और ईरान को समझौते के पालन के लिए मनाने के तरीकों पर चर्चा के लिए मंगलवार से वियना में दो कार्यसमूह बैठक कर रहे हैं।

फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, चीन और रूस अब भी ईरान के साथ इस समझौते के पक्षकार हैं, जिसे संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) के रूप में जाना जाता है।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब तीन दिन पहले रूस के प्रतिनिधि ने कहा था कि वे प्रतिबंधों को हटाने और परमाणु मुद्दों को लेकर विशेषज्ञ स्तर के समूहों को स्थापित करने के लिए सहमत हुए हैं।

रूसी प्रतिनिधि मिखाइल उल्यानोव ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि बैठक के प्रतिभागियों ने प्रारंभिक प्रगति पर संतोष जताया।

उन्होंने कहा, ‘‘आयोग सकारात्मक माहौल को बनाये रखने के लिए अगले सप्ताह फिर बैठक करेगा।’’

यह बैठक अमेरिका की गैर-मौजूदगी में हुई जिसने एकपक्षीय तरीके से परमाणु करार से हाथ खींच लिया था।

हालांकि जो बाइडन के प्रशासन में ईरान के लिए विशेष दूत रॉब माल्ले के नेतृत्व में अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस सप्ताह ऑस्ट्रिया की राजधानी में है। अन्य वैश्विक महाशक्तियों के प्रतिनिधि अमेरिका और ईरान के बीच परोक्ष वार्ता के लिए प्रयासरत हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा है कि वह अमेरिका को समझौते में वापस लाना चाहते हैं लेकिन ईरान को करार के उल्लंघनों को बंद कर देना चाहिए।

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