देश की खबरें | आईओए ईसी के सदस्यों का ध्यान खुद के फायदे और वित्तीय लाभ लेने पर: उषा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को ‘अपने तरीके’ से चलाने का आरोप लगाते हुए अध्यक्ष पीटी उषा ने रविवार को कार्यकारी परिषद (ईसी) में बगावत करने वाले सदस्यों पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उनका मकसद देश के खेल की भलाई करने की जगह ‘खुद के फायदे और मौद्रिक लाभ’ लेने पर है।
नयी दिल्ली, 29 सितंबर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को ‘अपने तरीके’ से चलाने का आरोप लगाते हुए अध्यक्ष पीटी उषा ने रविवार को कार्यकारी परिषद (ईसी) में बगावत करने वाले सदस्यों पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उनका मकसद देश के खेल की भलाई करने की जगह ‘खुद के फायदे और मौद्रिक लाभ’ लेने पर है।
उषा ने यहां एक आधिकारिक विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि ‘‘इनमें से कुछ ईसी सदस्यों का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद संदिग्ध है। इसमें लैंगिक भेदभाव के आरोप और यहां तक कि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले भी दर्ज हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एक खिलाड़ी के रूप में अपने 45 साल लंबे करियर में मैंने कभी ऐसे लोगों का सामना नहीं किया है जो हमारे खिलाड़ियों की आकांक्षाओं और हमारे देश के खेल भविष्य के प्रति इतने उदासीन हैं। इन व्यक्तियों का पूरा ध्यान खेल प्रशासन में उनकी लंबे समय तक उपस्थिति और नियंत्रण के माध्यम से खुद के फायदे और मौद्रिक लाभ लेने पर रहता है।’’
इस पूर्व दिग्गज एथलीट ने बिना किसी का नाम लिए कहा, ‘‘इसके अलावा यह बताना भी जरूरी है कि इनमें से कुछ ईसी सदस्यों के ट्रैक रिकॉर्ड बेहद संदिग्ध हैं। उन पर लैंगिक पूर्वाग्रह के आरोप हैं। यहां तक कि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले भी दर्ज हैं।’’
कार्यकारी परिषद के 12 सदस्यों ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के सीनियर अधिकारी जेरोम पोइवे को पत्र लिखकर इस दिग्गज एथलीट पर तानाशाही से काम करने का आरोप लगाया।
उन्होने कार्यकारी परिषद की नोकझोंक से भरी बैठक के दौरान उषा द्वारा आईओए सीईओ के पद से रघुराम अय्यर को हटाने की उनकी मांग को खारिज करने के बाद आईओसी को पत्र लिखा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय एच पटेल, उपाध्यक्ष राजलक्ष्मी देव और गगन नारंग, कोषाध्यक्ष सहदेव यादव, संयुक्त सचिव अलकनंदा अशोक और कल्याण चौबे, अन्य कार्यकारी परिषद सदस्य अमिताभ शर्मा, भूपेंद्र सिंह बाजवा, रोहित राजपाल, डोला बनर्जी, हरपाल सिंह और योगेश्वर दत्त ने पत्र पर हस्ताक्षर किए।
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