जरुरी जानकारी | भारत में पी-नोट्स के जरिये निवेश सितंबर में बढ़कर 87,813 करोड़ रुपये हुआ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय पूंजी बाजार में पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) के जरिये निवेश सितंबर के अंत में बढ़कर 87,813 करोड़ रुपये हो गया। यह लगातार दूसरा महीना है, जब निवेश में बढ़ोतरी हुई है।
नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर भारतीय पूंजी बाजार में पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) के जरिये निवेश सितंबर के अंत में बढ़कर 87,813 करोड़ रुपये हो गया। यह लगातार दूसरा महीना है, जब निवेश में बढ़ोतरी हुई है।
आय और वृद्धि के लिहाज से उभरते बाजारों में भारत का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहने के कारण यहां पी-नोट्स के जरिये निवेश बढ़ा।
पी-नोट्स या भागीदारी पत्र पंजीकृत एफपीआई द्वारा उन विदेशी निवेशकों को जारी किए जाते हैं, जो सीधे खुद को पंजीकृत किए बिना भारतीय शेयर बाजार का हिस्सा बनना चाहते हैं। हालांकि, उन्हें इसके लिए एक तय जांच-परख की प्रक्रिया से गुजरना होता है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय बाजारों में पी-नोट्स के जरिए किये गए निवेश का मूल्य (इक्विटी, ऋण और मिश्रित प्रतिभूतियों को मिलाकर) सितंबर में 87,813 करोड़ रुपये रहा, जो अगस्त के अंत में 84,810 करोड़ रुपये था।
इस माध्यम से किया गया निवेश जुलाई के अंत में 75,725 करोड़ रुपये, जून के अंत में 80,092 करोड़ रुपये, मई के अंत में 86,706 करोड़ रुपये और अप्रैल के अंत में 90,580 करोड़ रुपये था।
सितंबर, 2022 तक पी-नोट्स के जरिये किए गए कुल निवेश में 79,418 करोड़ रुपये शेयरों में, 9,156 करोड़ रुपये ऋण या बॉन्ड में और 239 करोड़ रुपये हाइब्रिड प्रतिभूतियों में लगाए गए।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ‘‘उभरते बाजारों में भारत का प्रदर्शन वृद्धि और कमाई के लिहाज से अच्छा रहा है। कई एफपीआई चीन में बिकवाली कर रहे हैं और कुछ निवेश भारत में आ रहा है।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि आने वाले दिनों में कुछ दबाव देखने को मिल सकता है।
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