जरुरी जानकारी | पी-नोट्स के जरिये निवेश मई में पांच साल के उच्चस्तर पर पहुंचा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पी-नोट्स के जरिये घरेलू पूंजी बाजारों में निवेश मई के अंत में बढ़कर 1.04 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पांच साल का उच्चतम स्तर है।

नयी दिल्ली, 12 जुलाई पी-नोट्स के जरिये घरेलू पूंजी बाजारों में निवेश मई के अंत में बढ़कर 1.04 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पांच साल का उच्चतम स्तर है।

इस निवेश में भारत के इक्विटी, ऋण या बॉन्ड एवं हाइब्रिड प्रतिभूतियों में किए गए पी-नोट्स निवेश का मूल्य शामिल है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों से पता चलता है कि मई लगातार तीसरा महीना रहा जब पी-नोट्स के जरिये घरेलू बाजारों में निवेश बढ़ा है।

पार्टिसिपेटरी नोट्स यानी पी-नोट्स को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) उन विदेशी निवेशकों को जारी करते हैं जो भारतीय बाजारों में अपना पंजीकरण कराए बगैर यहां पर निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, इसके लिए जांच-परख की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

सेबी के मुताबिक, भारतीय बाजारों में पी-नोट्स के जरिये इक्विटी, ऋण एवं हाइब्रिड प्रतिभूतियों में किए गए निवेश का मूल्य मई के अंत में 1,04,585 करोड़ रुपये रहा जबकि अप्रैल के अंत में यह 95,911 करोड़ रुपये था।

इसके पहले मार्च, 2023 में पी-नोट्स के जरिये 88,600 करोड़ रुपये और फरवरी में 88,398 करोड़ रुपये का निवेश भारत आया था।

आंकड़ों के हिसाब से मई का पी-नोट्स निवेश मूल्य पिछले पांच वर्षों में सर्वाधिक है। इसके पहले मार्च, 2018 में निवेश के इस माध्यम से 1.06 लाख करोड़ रुपये आए थे।

बाजार विश्लेषकों ने कहा कि पी-नोट्स मार्ग से निवेश बढ़ना अनिश्चित वैश्विक परिदृश्य में भारतीय अर्थव्यवस्था के जुझारूपन को दर्शाता है। इसके अलावा चीन में सुस्ती आने से भी विदेशी निवेशक भारत की तरफ आकर्षित हुए हैं।

प्रेम

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\