देश की खबरें | आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या की जांच सीआईडी को, बेटे की मौत पर रहस्य बरकार

मोतिहारी, 26 मार्च बिहार पुलिस ने शनिवार को यहां बताया कि उसने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्या का मामला आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दिया है।

विपिन अग्रवाल की हत्या का मामला उनके किशोर बेटे रोहित अग्रवाल की मौत के बाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। चौदह वर्षीय रोहित कथित तौर पर एक मकान की छत से बिजली की हाईटेंशन तार पर गिर गया था और झुलसने के कारण शुक्रवार को दम तोड़ दिया था।

रोहित के दादा विजय अग्रवाल ने एक वीडियो जारी करके आरोप लगाया है कि उनका पोता जिला पुलिस प्रमुख से मिलने गया था, लेकिन निराश होकर लौटने के बाद उसने मिट्टी के तेल का कनस्तर लेकर बगल की इमारत की छत पर चढ़ गया था।

शोक संतप्त दादा ने आरोप लगाया, ‘‘उसने खुद पर मिट्टी का तेल डाला और छत से गिर गया। पुलिस अब मुझ पर अपने अनुकूल बयान देने को लेकर दबाव डाल रही है।’’

हालांकि पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने विजय अग्रवाल के आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि लड़के की मां ने बयान दिया था कि रोहित के ‘‘पैर फिसल गए’’ जिससे वह हाईटेंशन तार पर गिर गया।

हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि लड़के ने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई थी या नहीं।

पुलिस अधीक्षक ने स्वीकार किया कि रोहित बृहस्पतिवार को उनके कार्यालय आया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज दिखाते हुए दुर्व्यवहार के आरोपों का खंडन किया है।

उन्होंने लड़के की ‘‘अधीरता’’ पर भी अफसोस जताया और कहा कि उसके पिता की हत्या के सिलसिले में सात लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

आरटीआई कार्यकर्ता की पिछले साल सितंबर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने रोहित के संबंध में आत्महत्या का मामला केवल इसलिए दर्ज नहीं किया है, क्योंकि गिरने से पहले, वह छत से अपने दादा से बात कर रहा था। पुलिस को सूचित करने के लिए पर्याप्त समय था, जिससे कि लड़के को बचाया जा सकता था। मामला दर्ज करने से परेशान परिवार को और परेशानी होगी।’’

पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर संदेह के मद्देनजर हम (आरटीआई कार्यकर्ता की) हत्या के मामले को जांच के लिए सीआईडी को सौंप रहे हैं।’’

हरसिद्धि इलाके के 47 वर्षीय विपिन अग्रवाल की पिछले साल 24 सितंबर को अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

बताया जाता है कि उनकी आरटीआई सक्रियता स्थानीय भू-माफियाओं के साथ टकराव का सबब बनी थी ।

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