जरुरी जानकारी | अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ नया छह गीगाहर्ट्ज बैंड खोलने को सहमत

नयी दिल्ली, 14 दिसंबर दूरसंचार परिचालक 5जी और 6जी सेवाओं के लिए छह गीगाहर्ट्ज बैंड रेडियो तरंगों का उपयोग करने में सक्षम होंगे। इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के ज्यादातर सदस्य देश एक वैश्विक समझौते पर सहमत हुए हैं।

दुबई में चल रही अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ की स्पेक्ट्रम बैठक डब्ल्यूआरसी 2023 में यह समझौता हुआ।

आईटीयू से मान्यता प्राप्त निकाय आईएएफआई के अनुसार, छह गीगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम में रेडियो फ्रीक्वेंसी का अंतिम सेट उपलब्ध है। इसका उपयोग किफायती लागत पर 5जी और 6जी सेवाओं के लिए किया जा सकता है।

उच्च आवृत्ति बैंड में स्पेक्ट्रम आवृत्तियों का ‘वेबलेंथ’ कम हो जाता है। इससे उच्च आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी) बैंड में प्रसारित संकेतों का कवरेज कम हो जाता है।

इसीलिए, दूरसंचार परिचालकों को कम आवृत्ति बैंड की तुलना में उच्च आवृत्ति बैंड में अधिक ट्रांसमीटर या टावर स्थापित करने की जरूरत होती है और संबंधित बैंड में नेटवर्क लगाने की लागत भी अलग-अलग होती है।

आईएएफआई ने बयान में कहा, ‘‘रेडियो संचार पर वैश्विक सम्मेलन, 2023 (डब्ल्यूआरसी-23) अंतरराष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार (आईएमटी) के लिए एक नया स्पेक्ट्रम बैंड खोलने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर पहुंचा...।’’

यह आईटीयू का प्रमुख कार्यक्रम है, जो हर चार साल में आयोजित होता है। इस बार यह संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में हो रहा है।

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