विदेश की खबरें | श्रीलंका में राष्ट्रपति पद के चुनाव की निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक पहुंचे
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

कोलंबो, 18 अगस्त श्रीलंका में 21 सितंबर को होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव की निगरानी के लिए यूरोपीय संघ और राष्ट्रमंडल के चुनाव पर्यवेक्षकों का एक समूह देश पहुंच चुका है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

श्रीलंका के चुनाव आयोग के निमंत्रण ये पर्यवेक्षक यहां आये हैं।

यूरोपीय संघ इससे पहले भी छह बार श्रीलंका के चुनाव की निगरानी कर चुका है। आखिरी बार 2019 के राष्ट्रपति चुनाव में निगरानी की थी।

पर्यवेक्षक समूह के प्रमुख ने शनिवार को एक बयान में कहा, ‘‘श्रीलंका में इस साल ‘इलेक्शन ऑबजर्वेशन मिशन’ की तैनाती देश में विश्वसनीय, पारदर्शी, समावेशी और शांतिपूर्ण चुनावों का समर्थन करने की हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।’’

यूरोपीय संघ के ‘ऑबजर्वेशन मिशन’ में पर्यवेक्षकों के विभिन्न समूह शामिल हैं।

एक उप मुख्य पर्यवेक्षक और नौ चुनाव विशेषज्ञों की टीम पहले ही कोलंबो पहुंच चुकी है, जबकि 26 दीर्घकालिक पर्यवेक्षक भी इसमें शामिल होंगे और चुनाव अभियान पर नजर रखने के लिए उन्हें पूरे देश में तैनात किया जाएगा।

इसके बाद, चुनावी सप्ताह में 32 अल्पकालिक पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी।

राष्ट्रपति चुनाव में देश के 1.71 करोड़ से अधिक लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पाएंगे।

देश में राष्ट्रपति चुनाव के 42 साल के इतिहास में रिकॉर्ड संख्या में उम्मीदवारों के शामिल होने की संभावना है क्योंकि बुधवार दोपहर की समयसीमा तक 38 उम्मीदवारों ने नामांकन भर चुके हैं।

प्रमुख उम्मीदवारों में निवर्तमान राष्ट्रपति विक्रमसिंघे के अलावा राजपक्षे परिवार के 38 वर्षीय उत्तराधिकारी नामल राजपक्षे, मुख्य विपक्षी नेता सजित प्रेमदासा और मार्क्सवादी जेवीपी नेता अनुरा कुमारा दिसानायके शामिल हैं।

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