एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | विदेशों से चंदा लेने के मामले में न्यूजक्लिक के संस्थापक को अंतरिम संरक्षण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने समाचार पोर्टल न्यूजक्लिक के प्रधान संपादक एवं संस्थापक के खिलाफ विदेशों से चंदा लेने के मामले में दर्ज दिल्ली पुलिस की प्रथामिकी के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तारी से बुधवार को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।

देश की खबरें | विदेशों से चंदा लेने के मामले में न्यूजक्लिक के संस्थापक को अंतरिम संरक्षण

नयी दिल्ली, सात जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने समाचार पोर्टल न्यूजक्लिक के प्रधान संपादक एवं संस्थापक के खिलाफ विदेशों से चंदा लेने के मामले में दर्ज दिल्ली पुलिस की प्रथामिकी के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तारी से बुधवार को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।

न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने अग्रिम जमानत के लिए प्रबीर पुरकायस्थ की याचिका पर नोटिस जारी किया और दिल्ली पुलिस से स्थिति रिपोर्ट मांगी।

अदालत ने प्राथमिकी के सिलसिले में न्यूजक्लिक के निदेशक प्रांजल पांडेय की अग्रिम जमानत की याचिका पर उन्हें भी गिरफ्तारी से अंतरिक्ष संरक्षण प्रदान किया।

न्यायमर्ति ने कहा कि वह इन याचिकाओं पर विस्तृत आदेश दोपहर बाद पारित करेंगे।

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दायर प्राथमिकी में आरोप है कि पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड ने कानून का उल्लंघन करते हुए वित्त वर्ष 2018-19 में वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स एलएलसी यूएसए से 9.59 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त किया।

पुरकायस्थ की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि अमेरिका स्थित कंपनी से न्यूजक्लिक ने उस साल निधि प्राप्त की थी जब एफडीआई पर कोई सीमा नहीं थी।

सिब्बल ने तर्क दिया, ‘‘वह लोकप्रिय पत्रकार हैं और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म चलाते हैं। डिजिटल मीडिया मंचों को विदेशो से पैसा लेने की अनुमति है...इसपर सीमा अगले साल से प्रभावी हुई थी।”

इसके अलावा उन्होंने दलील दी कि पैसों के हेर-फेर का कोई सवाल नहीं उठता है क्योंकि इसका इस्तेमाल कर्मचारियों को वेतन देने में किया गया और इस प्रक्रिया में कोई राजकोषीय घाटा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए जा रहे धनशोधन के मामले में दंडात्मक कार्रवाई से उन्हें पहले ही संरक्षण् दे चुका है।

सिब्बल ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसी ने पुरकायस्थ को 30 जून को तलब कर आठ जुलाई, बृहस्पतिवार को अपने समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।

सरकार की तरफ से पेश वकील मंजीत एएस ओबरॉय ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि पुरकायस्थ “सीधे उच्च न्यायालय आए हैं।”

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि डिजिटल समाचार वेबसाइट में एफडीआई की 26 प्रतिशत की कथित सीमा से बचने के लिए कंपनी के शेयरों का बहुत अधिक मूल्य निर्धारण करके निवेश किया गया था।

इसमें यह भी आरोप लगाया कि इस निवेश की 45 प्रतिशत से अधिक राशि में वेतन, किराया और अन्य खर्चों के भुगतान के लिए हेर-फेर की गई जो भुगतान कथित तौर पर गुप्त कार्यों के लिए किए गए।

इसने आरोप लगाया कि कंपनी ने ऐसा कर एफडीआई और देश के अन्य कानूनों का उल्लंघन किया और सरकारी राजकोष को घाटा पहुंचाया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2021 02:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).