देश की खबरें | न्यूजक्लिक के संस्थापक को धनशोधन मामले में मिले अंतरिम संरक्षण की अवधि बढ़ाई गई
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नयी दिल्ली, पांच जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज धन शोधन मामले में न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक और उसके प्रधान संपादक को दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण मिलने की अवधि बढ़ा दी।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता पीएमएलए मामले में अग्रिम जमानत के लिये दाखिल की गई न्यूज़क्लिक के संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
उच्च न्यायालय ने कहा कि ईडी ने इस संबंध में दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) की एक प्रति याचिकाकर्ताओं को अभी तक उपलब्ध नहीं कराई है।
अदालत ने मामले की सुनवाई 29 जुलाई तक के लिये स्थगित करते हुए कहा, ''अगली सुनवाई तक अंतरिम आदेश जारी रहेगा।''
ईडी ने दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए धन शोधन की जांच शुरू की है। इस दौरान उसने विदेश से प्राप्त धन के संबंध में एक डिजिटल समाचार मंच और कई अन्य स्थानों पर तलाशी ली है।
न्यूज पोर्टल और उसके संस्थापक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्हें आश्वासन के बाद भी आज तक ईडी की ओर से ईसीआईआर की प्रति प्राप्त नहीं हुई है।
याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन और वकील अर्शदीप सिंह के माध्यम से भी किया गया।
ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता अमित महाजन ने कहा कि पुरकायस्थ एक बार जांच के लिए एजेंसी के सामने पेश हुए थे और उन्होंने कुछ दस्तावेज लाने के लिए 10 दिन का समय मांगा था।
हालांकि, इसके बाद वह पेश नहीं हुए और कहा कि उनकी याचिका उच्च न्यायालय में लंबित है।
जब अदालत ने पूछा कि एजेंसी ने अभी तक याचिकाकर्ताओं को ईसीआईआर की प्रति क्यों नहीं दी, तो वकील ने कहा कि ईडी उनके पेश होने का इंतजार कर रहा है। इसके बाद वह ईसीआईआर की प्रति उपलब्ध कराएगा।
प्राथमिकी में आरोप हैं कि याचिकाकर्ता कंपनी पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स एलएलसी यूएसए से 9.59 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त किया।
आरोप है कि एक डिजिटल समाचार वेबसाइट में एफडीआई की 26 प्रतिशत की कथित सीमा से बचने के लिए याचिकाकर्ता कंपनी के शेयरों का अत्यधिक मूल्य निर्धारण करके निवेश किया गया था।
इसके अलावा आरोप है कि इस निवेश का 45 प्रतिशत से अधिक वेतन/परामर्श, किराए और अन्य खर्चों के भुगतान के लिए रखा गया, जिसका भुगतान कथित तौर पर गलत उद्देश्यों के लिए किया गया था। आरोप है कि कंपनी ने देश के एफडीआई और अन्य कानूनों का उल्लंघन किया है और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया है।
दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 29 जुलाई को होनी है।
उच्च न्यायालय ने 21 जून को ईडी को मामले के संबंध में समाचार पोर्टल और उसके प्रधान संपादक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने मामले में दर्ज ईसीआईआर की एक प्रति मांगने वाली पोर्टल की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 05, 2021 06:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

