लखनऊ, तीन अक्टूबर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति और उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन की ऊर्जा निगम प्रबंधन के साथ बातचीत बेनतीजा रही।
दोनों संगठन इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और शनिवार को ऊर्जा निगम प्रबंधन के साथ उनकी अलग-अलग बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि शनिवार को उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) के साथ शक्ति भवन में हुई बातचीत बेनतीजा रही और समिति ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने की अपील की है।
दुबे ने बताया कि जब तक निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त नहीं की जाएगी तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
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उन्होने बताया कि संघर्ष समिति की नोटिस के अनुसार बिजलीकर्मी विगत चार दिनों से तीन घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे हैं और पांच अक्टूबर से पूरे दिन का कार्य बहिष्कार किया जायेगा।
उत्तर प्रदेश पावर आफीसर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उनका संगठन निजीकरण के विरोध में है, क्योंकि इससे आरक्षण व्यवस्था को सबसे अधिक नुकसान होता है।
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