देश की खबरें | बहुविवाह पर प्रतिबंध के बजाय इसके खिलाफ जागरूकता फैलाएं : अजमल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) प्रमुख और लोकसभा सदस्य बदरुद्दीन अजमल ने मंगलवार को कहा कि असम सरकार को बहु विवाह पर कानूनी रोक लगाने के बजाय एक से अधिक शादी के खिलाफ जागरूकता फैलानी चाहिए।

गुवाहाटी, 22 अगस्त ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) प्रमुख और लोकसभा सदस्य बदरुद्दीन अजमल ने मंगलवार को कहा कि असम सरकार को बहु विवाह पर कानूनी रोक लगाने के बजाय एक से अधिक शादी के खिलाफ जागरूकता फैलानी चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि बहु विवाह इस्लाम में ‘अनिवार्य’ नहीं है। उन्होंने साथ ही सवाल किया कि राज्य सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के कल्याण के लिए क्या किया है।

असम सरकार ने बहु विवाह पर प्रतिबंध के लिए विधेयक तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है और सोमवार को एक अधिसूचना जारी कर प्रस्तावित कानून को लेकर जनता से राय मांगी है।

इससे पहले राज्य सरकार ने एक विशेषज्ञ समिति बनाई थी ताकि वह अध्ययन कर सके कि क्या विधानसभा इस संबंध में कानून बना सकती है। समिति ने सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा कि राज्य विधायिका को इस संबंध में कानून बनाने का अधिकार है।

विभिन्न धर्मों के प्रमुखों के साथ ‘शांति और न्याय’ विषय पर आयोजित बैठक से इतर संवाददाताओं से बातचीत में अजमल ने कहा, ‘‘ बहु विवाह इस्लाम में अनिवार्य नहीं है। सरकार ने एक पत्नी को खिलाने के लिए व्यक्ति को पर्याप्त संसाधन नहीं दिया है, कैसे वह चार शादी कर उनकी देखभाल कर सकता है?’’

अजमल ने कहा कि वह बहुविवाह के खिलाफ हैं। साथ ही आशंका जताई कि प्रतिबंध लगाने का फैसला राजनीति विचारधारा के तहत होगा।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का उल्लेख करते हुए एआईयूडीएफ अध्यक्ष ने सवाल किया, ‘‘क्या कश्मीर में शांति आ गई ? रोजाना सैनिक मारे जा रहे हैं। इन सैनिकों के परिवार को जो मिल रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है और बेहतर है कि उसपर बात नहीं की जाए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आपने (सरकार ने) ‘तीन तलाक’ (तलाक ए बिद्दत) को खत्म कर दिया लेकिन उन महिलाओं के कल्याण के लिए क्या किया? क्या आपने स्कूल और कॉलेज का निर्माण किया या उद्योग लगाया जहां पर इन महिलाओं को रोजगार मिल सके?’’

धुबरी से सांसद अजमल ने कहा, ‘‘ कुछ दिनों तक दुनिया के सामने इन महिलाओं का मखौल उड़ाने के अलावा कुछ भी नहीं किया गया। ये महिलाएं अब भुखमरी की शिकार हैं और आत्महत्या से मर रही हैं लेकिन सरकार उन्हें नहीं देखेगी, कोई उनकी परवाह नहीं करता।’’

उन्होंने कहा कि बहु विवाह पर प्रस्तावित प्रतिबंध ‘मखौल उड़ाने’ की एक और कोशिश है और अगर कोई ‘निरक्षर व्यक्ति’ एक से अधिक शादी करने की कोशिश करता है तो उसे इसके बारे में समझाने की जरूरत है।

अजमल ने कहा, ‘‘ आजादी के बाद से कई कानून बने हैं। कानून शायद ही मदद कर सके।’’

‘शांति और न्याय’ कार्यक्रम के बारे में अजमल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम ‘मुहब्बत का पैगाम’ जनता तक पहुंचाने के लिए पूरे देश में आयोजित किए जाएंगे।

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